क्या मिलेगा कानपुर के मनीष को इंसाफ? यूपी सरकार ने मामले की सीबीआई से जांच करवाने की सिफारिश की

उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर के व्यापारी की गोरखपुर में पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर पिटाई के बाद मौत के मामले की जांच केंद्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो (सीबीआई) से कराने की संस्‍तुति करते हुए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। राज्‍य सरकार ने यह भी तय किया है कि जब तक सीबीआई मामले की जांच को अपने हाथ में नहीं ले लेती तब तक जांच कानपुर में स्थानांतरित की जाएगी जहां विशेष जांच दल (एसआईटी) मामले की जांच करेगा।

शुक्रवार को अपर मुख्‍य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्‍थी ने बताया कि कानपुर निवासी मनीष गुप्ता की दुखद मृत्यु के प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में सीबीआई से जांच कराने की संस्‍तुति भारत सरकार को भेजी गई है। उन्‍होंने कहा कि जब तक सीबीआई प्रकरण को अपने हाथों में लेकर अपनी जांच शुरू नहीं करती है, तब तक मामले की जांच गोरखपुर से स्थानांतरित कर कानपुर में विशेष रूप से गठित एसआईटी (विशेष जांच दल) के द्वारा की जाएगी।

उन्‍होंने बताया कि गुप्ता की पत्नी को कानपुर विकास प्राधिकरण में ओएसडी (विशेष कार्याधिकारी) के पद पर नियुक्त करने के निर्देश भी दिये गये हैं एवं परिवार को 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राज्‍य सरकार द्वारा देने के निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कानपुर के व्यापारी के रिश्तेदारों से मुलाकात की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के अलावा मृतक की पत्नी को नौकरी और आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी।

गौरतलब है कि गत सोमवार देर रात गोरखपुर जिले के रामगढ़ ताल इलाके में पुलिस ने एक होटल में तलाशी ली थी। आरोप है कि किसी अन्य व्यक्ति के पहचान पत्र के आधार पर होटल के एक कमरे में रूके तीन व्यवसायियों से पूछताछ के दौरान पुलिस ने उन्हें मारा पीटा था। सिर में चोट लगने से उनमें से एक मनीष गुप्ता (36) नामक कारोबारी की मौत हो गई थी। सोमवार की रात को घटना के वक्त गुप्ता दो दोस्तों के साथ होटल में ठहरे हुए थे।

इस मामले के आरोपी सभी छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके उन्हें निलंबित कर दिया गया और एसएचओ समेत कई को गिरफ्तार कर लिया गया। मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बृहस्पतिवार को संवाददाताओं को बताया कि, “मुख्यमंत्री ने हमारी सभी मांगों को स्वीकार कर लिया है और हम मुलाकात से संतुष्ट हैं।”

उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री ने हमारी मांग के अनुसार सीबीआई जांच के लिए एक आवेदन मांगा है और सरकारी नौकरी के साथ-साथ मेरे बेटे के भविष्य के लिए वित्तीय सुरक्षा की मेरी मांग को स्वीकार कर लिया है। मीनाक्षी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि मामला गोरखपुर से कानपुर स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक परिवार के मुखिया की तरह मुख्यमंत्री ने हमारी सभी समस्याओं को सुना है और मैं उनकी आभारी हूं।

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