क्यों खास है गायत्री मंत्र?? आइए जानते है धर्म की बात शास्त्र के साथ

भारतवर्ष को जगाने वाला गायत्री मंत्र इतना सरल है कि एक ही श्वास में उसका उच्चारण किया जा सकता है। शास्त्र कहता है कि लम्बे लम्बे साधन करने की उतनी जरूरत नहीं है। इस छोटी सी गायत्री की साधना को करके देखो। गायत्री का जप करने से बड़ी बड़ी सिद्धियाँ मिल जाती हैं। यह मंत्र छोटा है पर इसकी शक्ति बड़ी भारी है। गायत्री सदबुद्धि का मंत्र है, इसलिऐ उसे मंत्रो का मुकुटमणि कहा गया है। गायत्री मंत्र का निरन्तर जप रोगियों को अच्छा करने और आत्माओं की उन्नति के लिए उपयोगी है। गायत्री का स्थिर चित्त और शान्त हृदय से किया हुआ जप आपत्तिकाल के संकटों को दूर करने का प्रभाव रखता है। 
गायत्री की महिमा का वर्णन करना मनुष्य की सामर्थ्य से बाहर है। गायत्री आदि मंत्र है। ऋषियों ने जो अमूल्य रत्न हमें दिये हैं उनमें से एक अनुपम रत्न गायत्री है। गायत्री से बुद्धि पवित्र होती है। ब्राह्ममुहूर्त में गायत्री का जप करने से चित्त शुद्ध होता है और हृदय में निर्मलता आती है। शरीर निरोग रहता है और स्वभाव में नम्रता आती है। बुद्धि सूक्ष्म होने से दूर दर्शिता बढ़ती है और स्मरण शक्ति का विकास होता है। कठिन प्रसंगों में गायत्री द्वारा दैवी सहायता मिलती है। उसके द्वारा आत्म दर्शन हो सकता है।
समस्त धर्म ग्रंथों में गायत्री की महिमा एक स्वर से कही गई। समस्त ऋषि-मुनि मुक्त कंठ से गायत्री का गुण-गान करते हैं। शास्त्रों में गायत्री की महिमा के पवित्र वर्णन मिलते हैं। गायत्री मंत्र तीनों देव, बृह्मा, विष्णु और महेश का सार है। गीता में भगवान् ने स्वयं कहा है ‘गायत्री छन्दसामहम्’ अर्थात् गायत्री मंत्र मैं स्वयं ही हूं। गायत्री मंत्र अर्थ सहित व्याख्या
ॐ भूर्भुवः स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥अर्थ: हम ईश्वर की महिमा का ध्यान करते हैं, जिसने इस संसार को उत्पन्न किया है, जो पूजनीय है, जो ज्ञान का भंडार है, जो पापों तथा अज्ञान की दूर करने वाला हैं- वह हमें प्रकाश दिखाए और हमें सत्य पथ पर ले जाए।

मान्यता है कि अगर इस मंत्र का लगातार जपा जाए तो इससे मस्तिष्क का तंत्र बदल जाता है। इससे मानसिक शक्ति बढ़ती है और नकारात्मक शक्तियां जपकर्ता से दूर चली जाती हैं। एक पौराणिक कथा के अनुसार, ऋषि विश्‍वामित्र ने इस मंत्र के बल पर ही एक नई सृष्टि का निर्माण किया था। इसी से पता चलता है कि यह मंत्र कितना शक्तिशाली है। ऐसा कहा जाता है कि इसके हर अक्षर के उच्चारण से एक देवता का आह्वान होता है। इस मंत्र को अत्यंत प्रभावी माना जाता है। ज्‍योत‍िषशास्‍त्र में इस मंत्र को सही समय और न‍ियमपूर्वक करने के कई फायदे बताए गए हैं। तो आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से….

गायत्री मंत्र का उचित समय
ज्‍योत‍िषशास्‍त्र में गायत्री मंत्र जप के लिए 3 समय बताए गए हैं। इसमें गायत्री मंत्र के जप का पहला समय सुबह का है। सूर्योदय से थोड़ी देर पहले मंत्र जप शुरू किया जाना चाहिए। जप सूर्योदय के बाद तक करना चाहिए। मंत्र जप का दूसरा समय दोपहर का है। दोपहर में भी इस मंत्र का जप किया जाता है। मंत्र जप का तीसरा समय है शाम को सूर्यास्त से कुछ देर पहले का है। सूर्यास्त से पहले मंत्र जप शुरू करके सूर्यास्त के कुछ देर बाद तक जप करना चाहिए।
ज्‍योत‍िषशास्‍त्र के अनुसार यदि संध्याकाल के अतिरिक्त गायत्री मंत्र का जप करना हो। तो ऐसे में मौन रहकर या मानसिक रूप से मंत्र जप करना चाहिए। ध्‍यान रखें क‍ि इस प्रहर में मंत्र जप अधिक तेज आवाज में नहीं करना चाहिए। इसके अलावा गायत्री मंत्र जप करने के हमेशा रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करना चाहिए। मंत्र जप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए। ध्‍यान रखें क‍ि घर के मंदिर में या किसी पवित्र स्थान पर गायत्री माता का ध्यान करते हुए मंत्र का जप करना चाहिए।

ज्‍योत‍िषशास्‍त्र के अनुसार गायत्री मंत्र जाप के फायदे-

>> यह मंत्र कई तरह की व्‍याधियों से भी राहत दिलाता है। 
>‍> मान्यता है क‍ि गायत्री मंत्र के उच्चारण से रक्त का संचार सही तरह से होता है।
>> किसी को ज्यादा क्रोध भी आता हो तो ज्योतिषशास्त्र के अनुसार गायत्री मंत्र जप करने से उसका क्रोध धीरे-धीरे कम होने लगता है।
>> इससे बीमार‍ियों से भी राहत म‍िलती है और चेहरे पर भी रौनक आती है। इसके अलावा अस्थमा रोगियों के लिए भी इसका जप फायदेमंद होता है।
>> गायत्री मंत्र जप करने से व्‍यक्ति के मन में कभी भी बुरे व‍िचार नहीं आते। वह सदैव ही सही रास्‍ते पर चलता है और उसके मन में कभी भी गलत व‍िचार नहीं आते। 
>> गायत्री मंत्र जप करने वाले पर गायत्री मां की कृपा होती है। उनके आशीर्वाद से व्‍यक्ति को पूर्वाभास होने लगता है। साथ ही साथ उसके आशीर्वाद देने की शक्ति भी बढ़ती है।
>> गायत्री मंत्र का जाप करने वाले लोगों को स्वप्न सिद्धि भी प्राप्त होती है। मान्‍यता है क‍ि इनके जीवन में आने वाली घटनाओं की सूचना सपने ही इन्‍हें दे देते हैं।
>> मान्यता है जो भी व्‍यक्ति गायत्री मंत्र का जप करता है। उसके जीवन में उत्‍साह एवं सकारात्मकता में वृद्धि होती है। इसके चलते वह खराब से खराब पर‍िस्थिति से भी बाहर न‍िकलने में कामयाब हो जाता है। इसके अलावा व्‍यक्ति का मन धर्म और सेवा कार्यों में भी लगने लगता है।

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