जब दिखने लगे ये लक्षण, तो समझ जाइए कि शरीर में बढ़ गया है कोलेस्ट्रॉल का लेवल

शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना बिल्कुल भी सही नहीं माना जाता है क्योंकि इससे शरीर में कई प्रकार की बीमारियां होने लगती हैं। कोलेस्ट्रॉल एक मोम सा पदार्थ होता है जो खून और कोशिकाओं में पाया जाता है। कोलेस्ट्रॉल का निर्माण सबसे अधिक लीवर में होता है। इसके अलावा जो भोजन लोगों द्वारा खाया जाता है उससे कोलेस्ट्रॉल बनता है। कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने से हार्ट अटैक आने का भी खतरा बढ़ जाता है।

कोलेस्ट्रॉल भी दो प्रकार के होते हैं, एक गुड कोलेस्ट्रॉल और एक बैड कोलेस्ट्रॉल। गुड कोलेस्ट्रॉल कई बार शरीर को फायदा पहुंचाता है तो वहीं बैड कोलेस्ट्रॉल से हार्टअटैक, शरीर के कई अंगों का ठीक से काम ना करना, मोटापा बढ़ना आदि समस्याएं देखी जाती हैंं। 

आज के इस आर्टिकल में हम आपको शरीर में कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने के लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं। कहने का अर्थ है कि अगर आप इन लक्षणों को देखते हैं तो समझ जाइए कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ गई है, जिसे नियंत्रित करना काफी जरूरी है। तो आइए जानते हैं।

1. पैर में दर्द होना – बहुत दिनों के अंतराल पर पैर के निचले हिस्से में दर्द होना एक आम बात होती है।लेकिन अगर पैर के निचले हिस्से में नियमित रूप से दर्द होने लगे और थोड़ा दूर चलने या फिर रात को सोने के समय पैर के निचले हिस्से में दर्द महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि यह शरीर में हाय कॉलेज ट्रोल का लक्षण होता है। 

2. बाजू में दर्द – हाथ और बाजू में तेज दर्द को भी शरीर में हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत माना जाता है। दरअसल, कोलेस्ट्रोल का जमा होना पैरों और हाथों की ब्लड वेसल्स को प्रभावित करता है जिस कारण से हाथ और खासकर बाजू में दर्द होता है। ऐसे में अगर बाजू में अक्सर दर्द होने लगे तो इसे हाई कोलेस्ट्रॉल का लक्षण माना जाता है। इस स्थिति में अपने डॉक्टर से जरूर चेकअप करवाना चाहिए।

3. पेट के नीचे दर्द – पीठ के निचले हिस्से में दर्द को हाई कोलेस्ट्रॉल का लक्षण माना जाता है। दरअसल एक स्टडी के मुताबिक कम घनत्व वाले लिवप्रोटीन पीठ के निचले हिस्से में दर्द पैदा करने का काम करते हैं और इस प्रकार के दर्द को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि ये हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण माने जाते हैं। 

4. जबड़े में दर्द  – जबड़े में लगातार दर्द रहना हाई कोलेस्ट्रॉल का एक लक्षण है। दरअसल, ये इस बात का संकेत है कि आर्टरी में कोलेस्ट्रॉल जमा हो गया है जो जड़ों के ब्लड सरकुलेशन को प्रभावित कर जोड़ों में दर्द पैदा कर रहा है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए और अपनी डाइट में आंवला या फिर आंवले का जूस शामिल करें।

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