कांग्रेस को हो क्या गया है ?

गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा को मिली प्रचंड जीत की चर्चा जायज है पर जिस तरह का निराशाजनक प्रदर्शन कांग्रेस पार्टी ने इन चुनावों में किया है चर्चा उसकी ज्यादा हो रही है.

भाजपा ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में 576 सीटों में से 483 सीटों पर अपना परचम लहराया तो वहीं कांग्रेस ने फिर एक बार प्रदर्शन से निराश किया है. कांग्रेस का सूपड़ा एक तरह से इन चुनावों में साफ हो गया है.  कमाल आम आदमी पार्टी ने गुजरात में कर दिया है जहां पहली बार निकाय चुनाव में उतरी आप ने सूरत में 27 सीटों पर जीत हासिल कर यहां दूसरे नंबर की पार्टी  के रूप में उभरी है.

आम आदमी पार्टी का सूरत में दूसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरना कांग्रेस और बीजेपी दोनो के लिए अच्छा संकेत नहीं है. इसके साथ ही AIMIM को गुजरात निकाय चुनाव में 7 सीटों पर जीत मिली है जिसने भी सबका ध्यान अपनी और खींचा है. पर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर सब हैरान है.  

चुनाव में हार के बाद से कांग्रेस में कोहराम मचा है और पार्टी अध्यक्षों ने अपना इस्तीफा पार्टी आलाकमान को सौंप दिया है. आखिर कांग्रेस को हो क्या गया है. क्या ये वहीं कांग्रेस पार्टी है जिसका डंका देश में होने वाले हरेक चुनाव में बजा करता था. क्या ये वहीं कांग्रेस हे जिसके विजय रथ को रोकने वाले एक समय में कोई नहीं था.

इस तरह कई सवाल है. पाटीदारों के नेता कहे जाने वाले कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल पाटीदारों के गढ़ सूरत में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुलवा सके. हैरानी तो इस बात की है कि कांग्रेस का ऐसा प्रदर्शन गुजरात में ऐसे वक्त में है, जब कि पार्टी की कमान पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के हाथ में है. कांग्रेस गुजरात निकाय चुनाव में अपने निराशाजनक प्रदर्शन पर गहन मंथन करने की जरूरत है. 

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