क्या हैं डेल्टा प्लस वैरिएंट से बचाव के तरीके और लक्षण? बेहद खौफनाक है वायरस का नया रूप

कोरोना वायरस पिछले साल से ही हर रोज काफी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। यही नहीं कोविड-19 की दूसरी लहर पहली से कई ज्यादा खतरनाक साबित हुई है। कई लोग इस वायरस की वजह से अपनी जान भी गवा रहे हैं। लेकिन अब पिछले कुछ दिनों से कोरोना की दूसरी लहर थोड़ी धीमी हो गई है और भारत में कोरोना के नए डेल्टा प्लस वैरिएंट ने डॉक्टर्स से लेकर आम लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है।

इतना ही नहीं कई राज्यों में इसके मामले सामने आ चुके हैं। इस बीच  डेल्टा प्लस वैरिएंट के लक्षणों को पहचानकर समय पर इलाज करना और कुछ बातों का ध्यान रखकर भी आप खुद को संक्रमित होने से बचा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इस वैरिएंट से बचाव के तरीकों के बारे में…

 इस कड़ी में सबसे पहले ये समझना बहुत जरूरी है कि आखिर ये डेल्टा प्लस क्या है? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें ये  कोरोना वायरस का एक नया रूप है। डेल्टा प्लस प्रकार वायरस के डेल्टा या बी1.617.2 प्रकार में उतपरिवर्तन होने से बना है। इससे अब तक महाराष्ट्र, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसके अलावा विशेषज्ञ इस नए वैरिएंट को तीसरी लहर के कारण के तौर पर भी देख रहे हैं।

डेल्टा प्लस के लक्षण?

-बुखार आना
-दर्द होना
-सूखी खांसी होना
-त्वचा पर चकत्ते होना
-थकान महसूस होना
-गले में खराश
-सीने में दर्द उठना
-पैर की उंगलियों और उंगलियों का मलिनकिरण
-दस्त लगना
-स्वाद और गंध की हानि
-सांस फूलना
-सिरदर्द होना
-बोलने में तकलीफ होना
-सांस लेने में कठिनाई होना

यहां जानिए इस नए वैरिएंट से बचाव के तरीके

-डेल्टा प्लस से खुद को दूर रखने के लिए सबसे पहला और सबसे जरूरी मास्क पहनना है। घर से बाहर जाते समय एक अच्छा और चेहरे को ढकने वाला मास्क पहने। आप डबल मास्क भी पहन सकते हैं।

-बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही घर से बाहर जाएं, लेकिन बच्चों को अभी भी कहीं बाहर न जाने दें।

-इस माहमारी के दौर में हाथों को समय-समय पर साबुन धोएं या फिर हाथों को सैनिटाइजर करते रहे।

-इसके अलावा घर से बाहर जाये तो सामाजिक दूरी का ध्यान रखें। अपने आसपास मौजूद लोगों से दूरी बनाकर रखें।

More articles

- Advertisement -
Web Portal Ad300x250 01

ताज़ा ख़बरें

Trending