पश्चिम बंगाल: ममता ने लागू किया एक व्यक्ति एक पद का फॉर्मूला, मंत्रियों से छीना पार्टी जिलाध्यक्ष का पद

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी में एक व्यक्ति एक पद का फॉर्मूला किया लागू, इसके साथ ही कई मंत्रियों से पार्टी जिलाध्यक्ष का पद छीन भी लिया। पार्टी जिलाध्यक्ष पद से हटाए गए बड़े नामों में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का नाम भी शामिल है। इसके अलावा सिंचाई मंत्री सुमन महापात्रा को पूर्वी मिदनापुर से, वन मंत्री ज्योतिप्रियो मुलिक को उत्तरी 24 परगना से, सहकारिता मंत्री अरुप रॉय को हावड़ा और एक अन्य मंत्री पुलक रॉय को हावड़ा ग्रामीण के जिलाध्यक्ष पद से हटाया गया है।

इतना ही नहीं ममता ने बड़े जिलों में संगठन को छोटी छोटी इकाइयों में बांट दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि यह बदलाव नगर निकाय के साथ पंचायत चुनाव 2023 और लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए किए गए हैं।
बता दें पश्चिम बंगाल में कुल 23 प्रशासनिक जिले हैं। टीएम ने इन्हें 35 संगठनात्मक इकाइयों में बांट दिया है।

मुर्शिदाबाद और नादिया जिले को दो इकाइयों में बांटा गया है। वहीं उत्तरी 24 परगना जिले को चार इलाकों में बांटा गया है। टीएमसी नेता के अनुसार, एक मंत्री या सांसद के लिए यह संभव नहीं था कि वह पूरे जिले को देख सके। यह लोग मार्गदर्शन के लिए मौजूद रहेंगे, लेकिन पार्टी युवा और स्थानीय नेताओं को ज्यादा तरजीह देना चाहती है।

नए सेटअप के अनुसार कोलकाता जैसे बड़े प्रशासनिक जिलों को विभिन्न संगठनात्मक इकाइयों और समितियों में बांट दिया गया है। इनमें से हर एक का अध्यक्ष होगा। नया सेटअप इस हिसाब से प्लान किया गया है कि स्थानीय स्तर पर रणनीति को ठीक से लागू किया जा सके। साथ ही स्थानीय नेताओं पर भी नजर रखी जा सके ताकि ग्रासरूट लेवल पर पार्टी की इमेज प्रभावित न हो। 

गौरतलब हो की भाजपा पहले से ही इस फार्मूले पर चलती आ रही है। बड़े जिलों भाजपा ने 39 छोटी इकाइयां बना रखी हैं। मुर्शिदाबाद और नादिया में उसकी दो इकाइयां हैं। इनमें से प्रत्येक का अलग से अध्यक्ष है। उत्तरी 24 परगना, जहां कि 34 विधानसभा और पांच लोकसभा सीटें हैं वहां भाजपा की चार यूनिट्स हैं।

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