राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच बोले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल कहा- विपक्ष ने सदन की महिमा को तार-तार किया है

बुधवार को राज्यसभा में पेगासस और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर जारी विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्ष पहले दिन से सदन को चलने नहीं देना चाहता था। सदन का अपमान किया गया और उसकी महिमा को तार-तार किया गया। उन्होंने आगे की पहले दिन से चेयरमैन आग्रह करते रहे कि कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। लगातार सदन की कार्यवाही में बाधा डाली गई। 

पीयूष गोयल ने कहा, पहले दिन से विपक्ष सोचे बैठा था कि सदन नहीं चलने देना है। बार-बार आश्वस्त करने के बावजूद विपक्ष के बड़े नेता कोविड से रिलेटेड मीटिंग्स में नहीं आए। पीएसी की मीटिंग में हमें 3 मुद्दे बताए गए, सरकार उन सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार थी, लेकिन विपक्ष ने पहले दिन से तय किया सदन को नहीं चलने देना हैं। जो इस उच्च सदन में विपक्ष ने अपना रवैया दिखाया वो अशोभनीय है।

उन्होंने कहा, “इस सदन में विपक्ष के नेता ने हमारे मंत्री के हाथ से पेपर छीनकर फेंका। लगातार चेयर का अपमान किया गया और विपक्ष को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। दरवाजे के कांच को तोड़ा गया है, सिक्योरिटी स्टाफ से झगड़ा किया गया है, मोबाइल फ़ोन से कांच तोड़ा गया, ये सब रिकॉर्डेड है। सिक्युरिटी स्टाफ ने अपना संतुलन नहीं खोया।”

उन्होंने आगे कहा की 9 अगस्त को जो हुआ वो आज हुई घटना का अभ्यास था। जिस तरह से कागज फेंके गए, विपक्ष के सांसदों ने जो व्यवहार किया वो अशोभनीय है। ये सांसद खुद की रिकॉर्डिंग भी कर रहे थे, जैसे कोई बहुत बड़ा काम कर रहे हैं। सब एक दूसरे की वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। उस दिन एक वरिष्ठ सांसद ने टेबल पर खड़े होकर एक फाइल फेंकी, इसके लिए उस सांसद पर बड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।

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