केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मौलाना मदनी पर किया पलटवार, कहा- देश संविधान से चलेगा..शरीयत से नहीं

सोमवार को जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने सभी गैर मुस्लिमों से अपनी बेटियों को को-एजुकेशन वाले स्कूलों में न भेजने की अपील की थी। जिसके बाद से इस मामला ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया। पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मौलाना पर पलटवार करता हुए कहा है कि देश संविधान से चलता है, शरीयत से नहीं। 

उन्होंने कहा, “जो शरीयत का डंडा चलाकर संविधान की मूल भावना पर हमला करने की कोशिश करते हैं, वे सफल नहीं होंगे। ऐसी मानसिकता देश स्वीकार नहीं करेगा।” दरअसल, मौलाना अरशद मदनी ने यह बयान तालिबान से प्रेरित होकर दिया था। बता दें तालिबान ने भी लड़कियों के लिए अलग स्कूल और उनके लिए महिला टीचर रखने का एलान कर दिया है। 

इसके साथ ही तालिबान ने महिला टीचर द्वारा लड़कों के स्कूल में पढ़ाने से भी रोक लगा दी है। वहीं मौलाना अरशद मदनी के बयान के बाद यूपी के मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि, महिलाएं देश में काम कर रही हैं। उन्होंने अरशद मदनी की विचारधारा को तालिबानी बताते हुए कहा कि ये लोग महिलाओं के हाथों में भी बंदूक देना चाहते हैं। महिलाओं का सम्मान होगा और उन्हें और ताकत दी जाएगी।

यही नहीं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने तालिबान की वकालत करने वाले मुस्लिम धर्मगुरुओं और नेताओं को आतंकवादी बताया है। महंत ने कहा है कि रहते यहां हैं, खाते यहां हैं और पानी भी यहां का पीते हैं और वकालत तालिबान की करते हैं। ऐसे लोगों को कभी माफ नही कर सकते। बता दें मदनी ने लड़कियों के लिए अलग स्कूल खोलने की वकालत करते हुए उन्हें को-एजुकेशन वाले स्कूल ना जाने की अपील की थी।

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