ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने खोजा व्यक्ति के भावनात्मक विचारों और यादों को भूलने वाला प्रोटीन

अक्सर आप के और हमारे दिमाग मे कोई ना कोई बुरी बातें घर कर जाती है। जो निकाले नही निकलती है। लेकिन अब इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। ब्रिटेन (Britain) के कैंब्रिज यूनिवर्सिटी (Cambridge University) के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे प्रोटीन का पता लगाया है जो किसी व्यक्ति के भावनात्मक विचारों और यादों को बदलने या भूलने में मदद करता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह प्रोटीन बुरी यादों को मिटाने का एक तरीका हो सकता है।

कैंब्रिज यूनविर्सिटी के न्यूरोसाइंस विभाग की वैज्ञानिक और प्रमुख शोधकर्ता डॉ. एमी मिल्टन के अनुसार बुरी यादों को हटाने में कामयाबी मिल सकती है, लेकिन वैसा कुछ नहीं होगा जैसे फिल्मों में दिखाया जाता है। फिल्मों में मुख्य किरदार खुद तय करता है कि उसे कौन सी बुरी याद हटानी है। वास्तिवक जीवन में अभी ऐसा करने के लिए काफी समय लगेगा। 

डॉ. मिल्टन ने बताया कि मस्तिष्क में मौजूद शैंक प्रोटीन की मात्रा घटती है तो मस्तिष्क में यादों से जुड़े तंत्रों में बदलाव संभव है। हालांकि ये कहना बहुत मुश्किल है कि शैंक प्रोटीन मेमोरी ब्रेकडाउन के लिए सीधे तौर पर जुड़ा रहता है या कोई गंभीर रिएक्शन के जरिए ऐसा होता है। डॉ. मिल्टन ने बताया, मनुष्यों का भी मस्तिष्क चूहों के मस्तिष्क की तरह होता है। ऐसे में उम्मीद कर सकते हैं कि ये तरकीब मनुष्यों को बुरी या तकलीफदेह यादों से बचाने में मददगार होगी।

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