ब्लैक फंगस से बचाएगा तुलसी-नीम से बना जूस, जानिए इसे बनाने की विधि और इससे जुड़े फायदे

देश में कोरोना महामारी के बाद अब ब्लैक फंगस के मामले तेजी से बढ़ते नजर आ रहे है। ब्लैक फंगस का खतरा सबसे अधिक शुगर के मरीजों पर देखा गया है। एक स्टडी के मुताबिक, ब्लैक फंगस ने अब तक 79 फीसदी डायबिटीज ( शुगर) के मरीजों को अपना शिकार बनाया है। इसलिए सबसे अधिक उन्हें एहतियात बरतने की जरूरत है।
दरअसल ब्लैक फंगस उन्हीं लोगों पर अटैक कर पाता है जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। चूंकि डाइबिटीज मरीज स्टेरॉइड्स का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए उनका इम्यूनिटी लेवल कम हो जाता है, इस कारण ब्लैक फंगस को उन्हें अपना शिकार बनाने का मौका मिल जाता है। इसके साथ ही डाइबिटीज मरीज को, जिनका कैंसर का इलाज हो रहा है और ट्रांसप्लांट करवाने वालों को पर भी ब्लैक फंगस से संक्रमित होने का खतरा रहता है।
लो इम्यूनिटी के कारण ब्लैक फंगस शरीर के अंगों को अपना शिकार बना रहा है। ब्लैक फंगस आंख, ब्रेन, लंग्स के बाद पेट पर अटैक कर रहा है। जिसका असर आंत पर अधिक होता है। जिसके कारण बुखार, खून की उल्टी आदि समस्याएं देखी जा रही है। इसलिए जरूरी है कि सबसे पहले इम्यूनिटी को मजबूत करें। 
ब्लैक फंगस से खुद को बचाव के लिए और इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए आप कुछ आयुर्वेदिक औषधियों का जूस पी सकते हैं। इससे इम्यूनिटी मजबूत होने के साथ ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहेगा। इसके साथ ही लंग्स, किडनी, हार्ट भी हेल्दी रहेंगे। 
आयुर्वेदिक जूस बनाने की विधि
सामग्री
थोड़ी सी गिलोय की डंडी6-7 नीम की पत्तियां4-5 तुलसी की पत्तियां2 चम्मच एलोवेरा पल्प1 हरा या फिर सुखा आंवला 
ऐसे बनाएं आयुर्वेदिक जूस
इन सभी चीजों को ग्राइंडर में डाल लें और थोड़ा सा पानी डालकर अच्छी तरह से ग्राइंड कर लें। आपका जूस बनकर तैयार है। इसे छानकर सुबह खाली पेट पिएं। 

शरीर के लिए कैसे फायदेमंद होगा यह आयुर्वेदिक जूस:-
तुलसी
तुलसी के पत्ते में अधिक मात्रा में पोटैशियम, आयरन, क्लोरोफिल मैग्नीशियम, कैरीटीन और विटामिन-सी के साथ एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी बैक्टीरियल गुए पाए जाते हैं। 
आंवला
आंवला में भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट गुण के अलावा विटामिन सी, विटामिन एबी, पोटैश‍ियम, कैल्शियम, मैग्‍नीशियम, आयरन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर पाया जाता है। जो इम्यूनिटी को बूस्ट करने के साथ कई लाइफस्टाइल डिजीज से बचाता है। 
नीम
नीम के अर्क में डायबिटीज को कंट्रोल करने के साथ वायरस से लड़ने के गुण पाए जाते हैं। नीम के तने, जड़, छाल और कच्चे फलों का इस्तेमाल किसी न किसी रोग से निजात पाने में किया जाता है। नीम प्राकृतिक एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते है।
गिलोय
गिलोय में गिलोइन नामक ग्लूकोसाइड और टीनोस्पोरिन, पामेरिन एवं टीनोस्पोरिक एसिड पाया जाता है। इसके अलावा इसमें कॉपर, आयरन, फास्फोरस, जिंक,कैल्शियम, मैग्नीशियम के साथ-साथ एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-कैंसर आदि तत्व पाए जाते हैं। 

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