इस बार 30 मई को है सोमवती अमावस्या, पूजा पाठ कर पाए पितृदोष से मुक्ति

इस बार जयेष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या 30 मई को पड़ रही है। इसी दिन वट सावित्री का व्रत भी सुहागिन महिलाओं द्वारा रखा जाएगा। सोमवार के दिन पड़ने के कारण इस अमावस्या को सोमवती अमावस्या भी कहा जाता है। सोमवती अमावस्या को शनि जयंती के नाम से भी जाना जाता है।

सोमवती अमावस्या के दिन प्रातः काल से ही स्वार्थ सिद्धि योग और कर्म योग बन रहे हैं और ऐसा 30 सालों के बाद हो रहा है। माना जाता है कि इस शुभ संयोग में की जाने वाली पूजा का अद्भुत लाभ जातकों को प्राप्त होता है। मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन पूजा पाठ करने से पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती हैै। तो आइए जानते हैं कि पितृदोष से मुक्ति पाने के उपाय के बारे में। 

1. सोमवती अमावस्या के दिन प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में किसी नदी तालाब में स्नान कर सूर्य को अर्घ देना चाहिए।

2. इस दिन किसी ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए और जरूरतमंदों को दान पुण्य करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है।

3. इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। माना जाता है कि बरगद के पेड़ पर ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देव निवास करते हैं। ऐसे में इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

4. जयेष्ठ मास में पड़ने वाले सोमवती अमावस्या के दिन जल से भरा हुआ कलश, छाता, खड़ाऊ ,और खीरा इत्यादि का दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और घर में सुख शांति तथा समृद्धि आती है।

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