कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक है ये बीमारी, हर साल मरते है 15 लाख लोग

कोरोना वायरस से पूरी दुनिया परेशान है, कोरोना वायरस लगातार फैल रहा है, कोरोना वायरस से अबतक दुनिया भर में 124,711,525 लोग संक्रमित हो चुके है। सबसे ज्यादा संक्रमण के मामले में अमेरिका पहले पायदान पर है। ब्राजील दूसरे और भारत तीसरे पायदान पर है। कोरोना वायरस से अब तक दुनिया भर में 3,085,284 लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन क्या आपको पता है कि कोरोना वायरस इकलौती ऐसी बीमारी नहीं है, जिसकी वजह से लाखों लोग मारे गए हैं, दुनिया में पहले से ही कई तरह की बीमारियां फैली हुई हैं और उनकी वजह से हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। 
एक ऐसी ही खतरनाक और जानलेवा बीमारी है, जो पूरी दुनिया में बहुत ही तेजी से फैल रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस इकलौती बीमारी की वजह से हर साल पूरी दुनिया में एक दो नहीं बल्कि करीब 15 लाख लोग मारे जाते हैं।

जानें वह कौन सी बीमारी हैं –
इस बीमारी का नाम ट्यूबर-क्यूलोसिस (Tuberculosis) यानी टीबी है, यह भी कोरोना की तरह ही एक संक्रामक बीमारी है, माना जाता है कि यह बीमारी पूरी दुनिया में फैली हुई है, शायद ही ऐसा कोई देश होगा, जो इससे अछूता होगा, न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में हर साल सबसे ज्यादा मौतें टीबी की वजह से ही होती हैं।
एक रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में दुनिया के 27 फीसदी टीबी मरीज हैं, लेकिन इस बीमारी का इलाज काफी हद तक संभव हो जाता है। यह कोरोना वायरस की तरह घातक नहीं है।

क्या है इसके लक्षण –
इस बिमारी में खून-वाली थूक के साथ-साथ पुरानी खांसी, बुखार, रात को पसीना आना और वजन घटना इसके लक्षण हैं, इसके अलावा सांस लेने में परेशानी भी इसका प्रमुख लक्षण है, दरअसल, ज्यादा खांसी आने की वजह से मरीज की सांस फूलने लगती है, कहते हैं कि दो हफ्तों या उससे ज्यादा दिनों से अगर आपको खांसी हो तो आपको टीबी की जांच जरूर करा लेनी चाहिए।

टीबी कोरोना वायरस की तरह से फैलता है, जब टीबी संक्रमित मरीज खांसी, छींक या किसी अन्य प्रकार से हवा के माध्यम से अपना लार संचारित करते है तब यह हवा के माध्यम से तब फैलता है, इसलिए टीबी के मरीज को भी अक्सर आइसोलेशन में ही रखा जाता है। हालांकि, यह बीमारी कोरोना वायरस से ज्यादा खतरनाक और जानलेवा नही है।

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