कोविड-19 में इन चार आसनों से बेहतर होगी रिकवरी, इन बीमारी से मिलेगा निजात

वैसे कुछ भी कहो कोरोना वायरस की वजह से आज सब लोग इस बात से बहुत अच्छे से वकीफ हैं हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति कितना चिंतित रहना चाहिए। कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने देश में बहुत हड़कंप मचाया है। एक तरफ लाखों की संख्या में हर दिन संक्रमित सामने आने लगे, तो वहीं दूसरी तरफ मरने वालों की संख्या भी हर किसी को डराने लगी। इस बीच खुद को स्वस्थ रखने के लिए ज्यादातार लोग अपनी इम्यूनिटी को मजबूत करने लगे, और कई तरह के काढ़ों का सेवन करने लगे, कई दवाएं लेने लगे आदि।
मगर कई लोगों ने स्वस्थ रहने के लिए योग को अपनी जीवनशैली में शामिल किया, ताकि उनकी इम्यूनिटी पॉवर मजबूत हो। इतना ही नहीं जो लोग कोरोना वायरस का शिकार हुए उन्हें भी तेजी से रिकवर होने में योग बहुत लाभ मिल रहा है। तो आइये आज आपको चार आसन के बारे में बताते हैं, जो कोरोना से जल्द रिकवर होने में काफी हद तक मददगार हैं। 
प्रोनिंग: विशेषज्ञ का कहना है अगर किसी व्यक्ति का ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा है तो ऐसे में उसे  बिल्कुल घबराना नहीं चाहिए। ऐसे में अस्पताल जाने से पहले घर पर ही प्रोनिंग का अभ्यास कर लें। इसको करने के लिए आपको घर पर ही पेट के बल लेटना है और फिर गहरी लंबी सांस लेनी है। ध्यान रहे आपको इस दौरान प्रोनिंग पोजिशन में लेटना है, ऐसा करने से फेफड़े सुचारू रूप से काम करने लगते हैं। इसके लिए थोड़ी-थोड़ी देर में पेट के बल जरूर लेटना चाहिए। इससे सांस लेने का फ्लो ठीक रहता है।
अनुलोम-विलोम: ऑक्सीजन लेवल को मेंटेन रखने के लिए अनुलोम-विलोम को सबसे अच्छा बताया जाता है। इसको करने के लिए आपको अपनी नाक के एक नथुने को प्रेस करना है, जबकि दूसरे से सांस छोड़नी है। बाद में जिस नथुने से सांस छोड़ी उसी से वापस सांस लेनी होती है। इस तरह इसे दोनों नथुनों से आपको ये करना है। इससे आपको फायदा मिल सकता है।
 साई: कोरोना काल में अपने आप को फिट रखने के लिए ये प्राणायम भी काफी असरदार सिद्ध होता है। इसको करने के लिए सबसे पहले अपनी नाक के अंदर ज्यादा से ज्यादा सांस भरनी है, और इसके बाद इसे छोड़ना है और इस दौरान एक पाउट बनाना है। इसको सुबह के समय करने से बहुत लाभ मिलते हैं। 
कपालभाति: इस योग आसन को करने से बॉडी को काफी फायदे होते हैं। इस आसान को करने के लिए आपको पहले लंबी गहरी सांस अंदर लें, फिर धीरे-धीरे सांस को बाहर छोड़े। इस दौरान एक बात का ध्यान जरूर रखें जो लोग कोविड संक्रमित हुए हैं या जो इस वायरस से ठीक हो चुके हैं उन्हें ध्यान देना चाहिए कि सांस छोड़ते वक्त उन्हें किसी तरह का दबाव महसूस न हो, क्योंकि अगर ऐसा होगा तो कपालभाति नहीं करना चाहिए। 

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