नर्सिंग में है अपार संभावनाएं, देश से लेकर विदेशों तक मिलेगी पैसा के अलावा बेहतरीन सुविधाएं

व्यस्त दिनचर्या के वावजूद आजकल लोग अपने स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि हर शहर में
पहले के मुकाबले ज्यादा नए हॉस्पिटल, क्लीनिक और नर्सिंग होम खुल रहे हैं। सरकार के द्वारा भी एएनएम और
जीएनएम खोलने पर जोड़ दिया जा रहा है। जिस वजह से नर्सिंग सेक्टर में करियर की संभावनाएं और भी बढ़ने वाली
है। अगर आपके अंदर सेवा भाव, लगन, दृढ़ इच्छाशक्ति और तनावपूर्ण परिस्थिति में भी लंबे समय तक काम करने
के गुण हैं तो आप भी नर्सिंग में करियर बना सकते हैं। आनेवाले समय में इस सेक्टर में और भी संभावनाएं बढ़ने
वाली है।

क्वालिफिकेशन के अनुसार कोर्स

  • सहायक नर्स मिडवाइफ/हेल्थ वर्कर (एएनएम)- 10वीं पास लोगों के लिए एएनएम एक अच्छा विकल्प है इसके लिए
    आपको डेढ़ साल का डिप्लोमा कोर्स करना होगा
  • जनरल नर्स मिडवाइफरी(जीएनएम)- अगर आप 12 वीं पास हैं तो जीएनएम का कोर्स कर सकते हैं इसके लिए
    आपको भौतिक, रासायनिक और जीव विज्ञान में 12 वीं पास होने के साथ 40 प्रतिशत मार्क्स होना जरूरी है।
  • ग्रेजुएशन इन नर्सिंग- अगर आप नर्सिंग में स्नातक करना चाहते हैं तो इंग्लिश, भौतिक, रासायनिक और जीव
    विज्ञान में 12वीं पास होने के साथ इसमें 45 प्रतिशत मार्क्स होना जरूरी है जिसके बाद आप अलग-अलग नर्सिंग
    स्कूल-कॉलेज से आप नर्सिंग में कर सकते हैं।
  • बेसिक बीएससी नर्सिंग- अगर आप 12वीं साथ जीएनएम भी पास हैं और आपके पास इस क्षेत्र में दो साल का
    अनुभव भी है तो आप यह कॉर्स कर सकते हैं। इस क्षेत्र में दो साल के रेगुलर कोर्स या तीन साल के लॉंग डिस्टेंस कोर्स
    भी उपलब्ध है।
  • आयुर्विज्ञान संस्थान में नर्स- यदि आप जीएनएम या बीएससी पास हैं तो किसी भी आयुर्विज्ञान संस्थान में जॉब कर
    सकते हैं। हर राज्य में नर्सों को रजिस्टर करने के लिए कई संस्था उपलब्ध है जहाँ पर आप अपना पंजीकरण करा
    सकते हैं। यहां से आपको जॉब मिलने में आसानी होगी।
  • पोस्ट-बेसिक स्पेशियलिटी- यदि आप नर्सिंग में ग्रेजुएट हैं तो पोस्ट बेसिक स्पेशियलिटी कोर्स कर सकते हैं। यह
    एक प्रकार का डिप्लोमा कोर्स है जो कि एक साल का होता है। जिसके बाद आप नीच दिए किसी भी क्षेत्र में विशेषता
    हासिल कर सकते हैं।
    क्रिटिकल-केयर नर्सिंग
    नर्सिंग एजुकेशन एंड एडमिनिस्ट्रेशन
    इमरजेंसी एंड डिजास्टर नर्सिंग
    नियो-नेटल नर्सिंग (नवजात की देखभाल)
    ऑपरेशन-रूम नर्सिंग
    विकलांग चिकित्सा नर्सिंग
    कार्डिएक थोरेकिक नर्सिंग
    न्यूरो नर्सिंग (मस्तिष्क-संबंधी रोगों के लिए)
    कर्क-रोग संबंधी नर्सिंग (ऑन्कोलोजी नर्सिंग)
    मिड वाइफरी प्रैक्टिशनर
    साइकैट्रिक नर्सिंग (मनोरोग)

कोर्स के फीस
नर्सिंग कोर्स की फीस आपके कॉलेज और आपकी स्पेशलाइजेशन के ऊपर निर्भर करती है। सामान्यतः प्राइवेट
कॉलेज में बीएससी नर्सिंग की फीस 45,000 से 1,80,000 तक होता है लेकिन सरकारी और मान्यता प्राप्त कॉलेज में
इसकी फीस काम हो सकती है। लेकिन अगर आप जीएनएम कोर्स करते हैं तो 40,000 से 1,40,000 तक सालाना फीस
हो सकती है।

कहाँ मिलता है जॉब ?
इस क्षेत्र में अगर आपके पास डिग्री है तो नौकरी की संभावनाएं उपलब्ध है। सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल्स के
अलावा आप, नर्सिंग होम, वृद्धाश्रम, अनाथाश्रम, आरोग्य निवास में भी जॉब कर सकते हैं। आपको इन्डियन नर्सिंग
काउंसिल, इन्डियन रेड-क्रॉस सोसाइटी, स्टेट नर्सिंग काउन्सिल्स और दूसरे नर्सिंग संस्थानों में भी नौकरी के कई
मौके मिल सकते हैं। एएनएम कोर्स के बाद देशभर में कहीं भी आपको प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रों पर प्राथमिक

स्वास्थ्य सेवक के में नौकरी मिल जाती है। नर्सें को मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग स्कूलों में टीचिंग का मौका मिलता है
आप प्रशासनिक सेवा भी दे सकते हैं।

कितनी होती है सैलरी
कोर्स पूरा होने के बाद आपको 8 से 18 हज़ार महीने सैलरी मिलने की संभावना होती है। इस क्षेत्र में अनुभव के बाद
आपको 20 से 40 हज़ार मिल सकते हैं जिसके बाद अनुभव बढ़ने पर 48 से 72 हज़ार तक आपकी सैलरी हो सकती है।
भारत के नर्सों की विदेशों में भी काफी डिमांड है यहां पर आपको ज्यादा पैसा के अलावा बेहतरीन सुविधाएं भी मिलती
हैं।

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