किसानों द्वारा बुलाये गए चक्का जाम का दिखा आंशिक असर, टिकैत ने दिया बड़ा बयान

कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों ने कल यानि शनिवार को तीन घंटे के लिए राष्ट्रव्यापी चक्का जाम का ऐलान किया था जो लगभग बेअसर दिखाई दिया. आंदोलनकारी किसानों द्वारा चक्का जाम के ऐलान को लेकर राजधानी दिल्ली में कल दिल्ली पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. कल राजधानी दिल्ली में 50 हजार सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी और कल दिल्ली के लगभग हर इलाके में पुलिसबल तैनात दिखाई दिया.

वहीं किसानों द्वार चक्का जाम की अपील के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मशक्क्त करते दिखाई दिए. चक्का जाम के ऐलान को विपक्ष का भी समर्थन मिला और कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान में कांग्रेस के नेताओं ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कराया. वहीं बात अगर देश के अन्य इलाकों में चक्काजाम की करे तो देश के अन्य भागों भी इसे कोई खास समर्थन नहीं मिलता दिखाई दिया. इसी बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार से बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया हैं.

उन्होंने कहा कि कृषि कानून को लेकर हम सरकार से फिर एक बार बातचीत को तैयार हैं, मगर बातचीत बातचीत किसी दबाव में नहीं होगी. राकेश टिकैत ने कहा कि तीनों कृषि कानून वापस हों और MSP के लिए कानून बनाया जाए, तभी घर वापसी होगी. वरना दो अक्टूबर तक विरोध जारी रहेगा. गौरतलब है कि किसानों का आंदोलन पिछले लगभग तीन महीनों से जारी हैं और किसान लगातार केंद्र  की मोदी सरकार से तीन कृषि को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. सरकार और किसानों के बीच कृषि कानून पर कई बार बातचीत हो चुकी हैं पर अभी तक कृषि कानून पर कोई हल नहीं निकल पाया हैं. 

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