न्याय मांगने कोर्ट पहुंची पीड़ित महिला को कोर्ट ने सुनाया फैसला कहा- बिना पत्नी की मर्जी से संबंध बनाना गैरकानूनी नहीं

बिना मर्जी के सम्बंध बनाने पर पीड़ित महिला द्वारा केस दर्ज कराने को मुंबई सिटी एडिशनल सेशन कोर्ट ने निराधार बताते हुए कहा की, मैरिटल रेप (पत्नी की मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाने) भारत में गैर कानूनी नही माना जाता है। दरअसल, पीड़ित महिला का कहना है कि उनकी शादी नवंबर 2020 में हुई थी और शादी के एक महीने बाद ही पति ने उससे जबरन संबंध बनाना शुरू कर दिया था।

इस दौरान जनवरी में तबीयत बिगड़ने पर वह डॉक्टर के पास गई तो पता चला कि कमर के निचले हिस्से में लकवा मार गया है। जिस पर मुंबई सिटी एडिशनल सेशन कोर्ट ने गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान जज एस जे घरत की पीठ द्वारा कहा गया कि महिला के आरोप कानूनी जांच के दायरे में नहीं आते हैं। साथ ही भी कहा गया कि पति अगर पत्नी के साथ सहवास करे तो इसे अवैध नहीं कहा जा सकता है। उसने कोई अनैतिक काम नहीं किया है।

जज ने कहा कि मैरिटल रेप भारत में अपराध नहीं है। हालांकि, महिला के लकवाग्रस्त होने को कोर्ट ने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है, लेकिन कहा है कि इसके लिए पूरे परिवार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। इस मामले में कस्टोडियल इंटेरोगेशन की भी जरूरत नहीं है। बता दें इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने 6 अगस्त को एक फैसले में कहा था कि मैरिटल रेप क्रूरता है और यह तलाक का आधार हो सकता है।

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