कांग्रेस पार्टी की कमान जा सकती है कन्हैया कुमार के हाथो में, जानिए पार्टी में शामिल होने पर क्या बोले कन्हैया

सीपीआई नेता और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार की कांग्रेस मे जाने की अटकलों के बीच पूर्ण विराम लग चुका है। इस बात की जानकारी खुद कन्हैया कुमार ने दी है। उन्होंने कांग्रेस मे जाने की खबरों का खण्डन करते हुए कहा है की इन खबरों में किसी भी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। कन्हैया ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, “मैं मुख्यधारा की राजनीति में हूं और एक राष्ट्रीय पार्टी का सदस्य हूं और जब राजनीति में होते हैं तो कई लोगों से संपर्क होता है।”

उन्होंने आगे कहा की वर्तमान में, मैं पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होने के लिए दिल्ली आया हूं। हालांकि, बिहार के एक कांग्रेस नेता ने यह दावा किया है कि कन्हैया हाल के दिनों में राहुल गांधी से दो बार मिल चुके हैं। दोनों बैठकों के दौरान प्रशांत किशोर मौजूद थे फिलहाल बातचीत अंतिम चरण में है। वहीं कन्हैया ने ऐसी किसी भी मुलाकात से इनकार करते हुए कहा कि जिस बात ने अफवाहों को हवा दी है, वह कांग्रेस नेता नदीम जावेद के साथ मेरी तस्वीर है, जिनके साथ मैंने हाल ही में दिल्ली में लंच किया था।

बता दें नदीम जावेद एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय युवा कांग्रेस के पूर्व महासचिव, कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और मीडिया पैनलिस्ट हैं। कन्हैया कुमार ने आगे कहा की, उन्होंने हमारी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं। जिसके बाद तस्वीरें तेजी से वायरल होती चली गई। उन्होंने आगे कहा की, जहां तक प्रशांत किशोर का सवाल है, 2019 के लोकसभा चुनाव में मेरी हार के बाद से हम अक्सर बातचीत करते रहे हैं।

वहीं खबरों की माने तो कन्हैया कुमार को कांग्रेस में लाने की सलाह पीके ने पार्टी लीडरशिप को दी है। इस बाबत राहुल गांधी से कन्हैया कुमार की मुलाकात भी हो चुकी है। प्रशांत किशोर की राय है कि पुराने नेताओं का जलवा खत्म होने और नई पीढ़ी में कोई कद्दावर नेता न होने की भरपाई कन्हैया की एंट्री से की जा सकती है। कन्हैया कुमार बीते डेढ़ सालों से सीपीआई में भी सक्रिय नहीं हैं। इससे भी इन अटकलों को बल मिला है।

गौरतलब हो की कन्हैया कुमार को उनकी पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में ‘पूरब के लेनिनग्राद’ के नाम से मशहूर बेगूसराय सीट से उम्मीदवार बनाया था, जहां से भारती जनता पार्टी (BJP) ने अपने फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह को अखाड़े में उतारा था। इस चुनाव में कन्हैया कुमार ने खुद को बेगूसराय का बेटा बताकर लोट मांगा। हालांकि उन्हें निराशा हाथ लगी थी। गिरिराज सिंह ने उन्हें 4 लाख 20 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी थी।

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