केंद्र सरकार का बड़ा फैसला मंडियों में सुधार के लिए होगा एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का उपयोग, किसानो को पहुंचेगा बड़ा फायदा

केंद्र सरकार ने देश की मंडियों के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत बनाने के काम में एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (Agriculture Infrastructure Fund) का उपयोग करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत महाराष्ट्र के लिए 8460 करोड़ रुपये के बजट का आवंटन है। फिलहाल परियोजनाओं के लिए 182.2 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। अब इस रकम में से महाराष्ट्र में वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज तो बनेंगे ही साथ ही मंडियों की दशा भी सुधरेगी।

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत सभी कर्ज पर 2 करोड़ रुपए की सीमा सहित प्रति वर्ष 3 प्रतिशत की ब्याज छूट हैं। यह छूट अधिकतम 7 वर्षों की अवधि के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा 2 करोड़ रुपए तक के ऋण हेतु सूक्ष्म एवं लघु उद्योग ऋण गारंटी कोष ट्रस्ट योजना के तहत उधार लेने वाले पात्र व्यक्तियों के लिए ऋण गारंटी कवरेज उपलब्ध करवाया जा रहा है।

दरअसल, किसान आंदोलन कर रहे नेता आरोप लगा रहे हैं कि आने वाले दिनों सरकार मंडियों को बंद कर देगी। मोदी सरकार ने इस आशंका का जवाब अपने नए फैसले से दिया है, जिसके तहत मंडियों का इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारा जाएगा। सरकार की कोशिश यह है कि किसान आंदोलन कर रहे लोगों के मन से यह आशंका दूर हो कि नए कृषि कानूनों के बाद मंडियों को समाप्त कर दिया जाएगा।

फिलहाल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कृषि मंडियां अच्छा काम कर रही हैं। अगर सरकार इनमें और सुधार करती है तो किसानों को फायदा होगा। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि सरकार लगातार मंडियों को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करती रही है। कृषि कानून लागू होने के बाद भी मंडियां खत्म नहीं होंगी।

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