नवोन्मेषी अनुसंधान संबंधी विकास को प्रभावी बनाने के लिए 17 भारतीय वैज्ञानिकों को मिली स्वर्णजयंती फैलोशिप

नई दिल्ली, 10 नवंबर ( विज्ञान एवम प्रौद्योगिकी मंत्रालय): पूरे भारत के वैज्ञानिक संस्थानों के 17 वैज्ञानिकों को उनके नवोन्मेषी अनुसंधान संबंधी विचारों और विभिन्न विषयों में अनुसंधान एवं विकास को प्रभावी बनाने के लिए स्वर्णजयंती फैलोशिप से सम्मानित किया गया है।

पुरस्कार के लिए चयनित वैज्ञानिकों को अनुसंधान योजना में अनुमोदित व्यय के संदर्भ में स्वतंत्रता व लचीलेपन के साथ स्वतंत्र रूप से अनुसंधान कार्य जारी रखने की अनुमति होगी। अपना ट्रैक रिकॉर्ड साबित कर चुके और तीन स्तरीय कठोर स्क्रीनिंग प्रक्रिया के माध्यम से चुने गए वैज्ञानिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अग्रणी क्षेत्रों में मौलिक अनुसंधान करेंगे।

देश की आजादी के 50वें साल को यादगार बनाने के लिए भारत सरकार ने स्वर्णजयंती फेलोशिप योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा पुरस्कार विजेताओं को अनुसंधान करने के लिए सभी आवश्यकतों की मदद समेत पांच साल के लिए 25,000 रुपये मासिक फेलोशिप प्रदान की जाती है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) इसके अलावा पुरस्कार विजेताओं को 5 साल के लिए 5 लाख रुपये का अनुसंधान अनुदान प्रदान कर उनकी सहायता करता है। यह फेलोशिप उनके मूल संस्थान से मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त प्रदान की जाती है। फेलोशिप के अलावा, उपकरण, संगणकीय सुविधाओं, उपभोग की सामग्री, आकस्मिक व्यय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा एवं अन्य विशेष आवश्यकताओं के लिए अनुदान योग्यता के अनुसार प्रदान किया जाता है।

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