सरकार की मुखबिर योजना में करें सहयोग मिलेंगे 3 लाख रुपए, जानिए क्या है मुखबिर योजना

कई डॉक्टर्स लिंग परीक्षण करते हैं, जो कि कानूनी अपराध है। इस पर नियंत्रण करने के लिए राजस्थान सरकार ने इस योजना की शुरुआत की थी, जिसमें अगर आप किसी डॉक्टर की शिकायत करते है, तो आपको इनाम के रुप में अच्छे पैसे दिए जाते है। राजस्थान सरकार ने हाल ही में अब इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि में इजाफा कर दिया है। अब इस राशि को ढ़ाई लाख से बढ़ाकर अब तीन लाख कर दिया गया है।
इससे इस योजना में सरकार का सहयोग करने वाले लोगों को तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। इस योजना में अगर आपको ऐसे किसी केस की जानकारी लगती है, जहां डॉक्टर ये गैर-कानूनी काम कर रहे हैं या कोई पैरेंट्स भी ऐसा कर रहे हैं तो आप इसकी सूचना सरकार को दे सकते हैं। अगर आपकी सूचना सही पाई जाती है तो सरकार की ओर से आपको तीन लाख रुपये दिए जाएंगे।
इस तरह बन सकेगे मुखबिर
इच्छुक और योग्य आवेदकों को इस योजना के लिए आवेदन करना होगा। इसमें राज्य या केंद्र सरकार की सेवाओं में कार्यरत व्यक्ति या गर्भवती महिलाओं को भी मुखबिर, मिथ्या ग्राहक या सहायक के तौर पर चुना जा सकेगा। मिथ्या ग्राहक बनने वाली गर्भवती महिला को शपथ पत्र देना होगा। मुखबिर, मिथ्या ग्राहक या सहायक बनने के लिए राज्य स्तर पर सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकरण या मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।
सूचना देने पर मिलेगा इनाम
इस योजना में गर्भवती महिला एवं सहयोगी को दो किस्तों में कुल तीन लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाता है। योजना में निर्धारित ढाई लाख की राशि की पहली किश्त सफल डिकाय होने पर, दूसरी न्यायालय में परिवाद दर्ज होने एवं तीसरी किश्त फैसला आने पर दी जाती थी। अब मुखबिर, डिकाय गर्भवती महिला और सहयोगी को पहली किस्त सफल डिकाय होने और दूसरी किश्त न्यायालय में अभियोजन पक्ष के समर्थन में बयान के बाद दी जाएगी।
पहले गर्भवती महिला को तीन किश्तों में कुल एक लाख रुपये की राशि दी जाती थी, लेकिन अब उसे दो किश्तों में कुल डेढ़ लाख रुपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जाएगी। साथ ही पूर्व में मुखबिर को तीन किश्तों में 33 हजार 250 प्रति किस्त, सहयोगी को 16 हजार 625 रुपये प्रति किस्त मिलते थे। लेकिन, अब मुखबिर को दो किस्तों में 50-50 हजार रुपये और सहयोगी को 25-25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा।
मुखबिर की पहचान रखी जाएगी गुप्त
इसके अलावा इस योजना में मुखबिर की पहचान गुप्त रखी जाएगी, इसका पूरा खर्चा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उठाएगा, लेकिन खबर गलत होने पर मुखबिर को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा।
ऐसे करेगी मुखबिर योजना कार्य
योजना के तहत उन अल्ट्रासाउंड सेंटरों और नर्सिंग होम की पहचान की जाएगी, जो गर्भवती महिलाओं का भ्रूण परीक्षण कर उन्हें जन्म लेने से पहले ही लड़कियों की हत्या के लिए उकसाते हैं। इन लोगों को पकड़ने के लिए मुखबिर की मदद ली जाएगी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम बताए गए पते पर छापा मारेगी। इसके बाद संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर और नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
किया जाता है स्टिंग ऑपरेशनमुखबिर अवैध गर्भपात केंद्र को ढूंढता है। उसके सहायक के साथ गर्भवती महिला स्टिंग ऑपरेशन के लिए उस केंद्र में जाती है। अपराधियों के आसानी से पता लगाने के लिए वे रासायनिक नोटों के साथ भुगतान करेंगे। इस तरह से अपराधियों को पहचान लिया जाएगा और गिरफ्तार किया जाएगा। तब पूरी टीम को इनाम दिया जाएगा।
कहां कर सकते हैं शिकायत?अगर आपके पास कोई सूचना है तो आप शिकायत टोल फ्री नम्बर 104/108 और वॉट्सएप नम्बर 9799997795 पर शिकायत कर सकते हैं.

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