सनराइज ओवर अयोध्या: विवादों के बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान, बोले – हिंदू धर्म से नही है कोई लेना देना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद की अयोध्या फैसले पर लिखी गई किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या’ बुधवार को लांच हो चुकी है। लॉन्चिंग के बाद से ही इस किताब का चौतरफा विरोध शुरू हो चुका है। दरअसल, सलमान खुर्शीद ने अपनी किताब में हिंदुत्व की तुलना आतंकी संगठन आईएसआईएस और बोको हराम से की है। जिसके बाद से तमाम पार्टियों के नेताओं के विरोध के बाद अब हिंदू संगठनों ने भी कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 

इस बीच किताब के लॉन्चिंग ईवेंट में शामिल होने पहुंचे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी एक और बड़ा बयान देकर विवाद को और गहरा कर दिया है। उन्होंने हिंदू धर्म और सनातन धर्म पर बात करते हुए कहा, “आज कहा जाता है कि हिंदू धर्म खतरे में हैं। 500 साल के मुगल और मुसलमानों के शासन में हिंदू धर्म का कुछ नहीं बिगड़ा। ईसाइयों के 150 साल के राज में कुछ नहीं बिगड़ा, तो अब हिंदू धर्म को खतरा किस बात का है।”
दिग्विजय सिंह ने कहा, “खतरा केवल उस मानसिकता और कुंठित सोची समझी विचारधारा को है, जो देश में ब्रिटिश हुकूमत की फूट डालो और राज करो की विचारधारा थी। समाज और हिंदू धर्म को खतरा नहीं है। हिंदुत्व का हिंदू धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। सावरकर जी धार्मिक नहीं थे। उन्होंने कहा था कि गाय को माता क्यों माना जाता है और उन्हें गोमांस खाने में कोई समस्या नहीं है। हिंदू पहचान को स्थापित करने के लिए वह हिंदुत्व शब्द लाए, जिसके कारण लोगों में भ्रम पैदा हो।”
वहीं, पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने अयोध्या मामले पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर कहा, “इस फैसले का कानूनी आधार बहुत संकीर्ण है। बहुत पतली सी रेखा है। लेकिन समय बीतने के साथ ही, दोनों पक्षों ने इसे स्वीकार किया। दोनों पक्षों ने स्वीकार किया, इसलिए यह सही फैसला है। ऐसा नहीं है कि यह सही फैसला था, इसलिए दोनों पक्षों ने स्वीकार किया।”
उन्होंने कहा कि छह दिसंबर, 1992 को जो हुआ, वह बहुत ही गलत था, इसने हमारे संविधान को कलंकित किया, उच्चतम न्यायालय की अवमानना की और दो समुदायों के बीच दूरी पैदा की। चिदंबरम ने कहा, ‘‘फैसले के बाद चीजें उसी तरह हुईं जिसका अनुमान था। इसके बाद (बाबरी विध्वंस के) आरोपियों को छोड़ दिया गया। नो वन किल्ड जेसिका की तरह नो बडी डिमोलिश्ड बाबरी मस्जिद।”
उन्होंने दावा किया, “आज की यही हकीकत है कि हम भले ही धर्मनिरपेक्ष हैं, लेकिन व्यवहारिकता को स्वीकार करते हैं। देश में रोजाना धर्मनिरपेक्षता पर चोट की जा रही है।”उन्होंने कहा, “आज हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं कि जब लिंचिंग की प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की तरफ से निंदा नहीं की जाती है। एक विज्ञापन को वापस लिया जाता है क्योंकि हिंदू बहू को एक मुस्लिम परिवार में खुशी से रहता हुआ दिखाया गया।”

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