Spyware Pegasus: विपक्ष पर जमकर बरसे गृह मंत्री अमित शाह, देश को बदनाम करने का लगाया आरोप

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पेगासस निगरानी के मामले में विपक्ष द्वारा भारत को बदनाम करने का आरोप लगाया। अमित शाह ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर एक लिंक शेयर कर लिखा, “कल देर शाम हम सबने एक रिपोर्ट देखी, जिसे केवल एक ही उद्देश्य से प्रेरित होकर कुछ विशेष वर्ग के लोगों द्वारा फैलाया गया है।

इस तरह का कार्य विश्व स्तर पर भारत को अपमानित करने, हमारे राष्ट्र के बारे में वही पुराने अवधारणाओं को आगे बढ़ाने और भारत के विकास पथ को पटरी से उतारने के लिए किया गया।” इसके अलावा मानसून सत्र की शुरुआत में ही हंगामा करने वाले विपक्ष पर अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि, अवरोध पैदा करने वाले लोग अपनी साजिशों से भारत के विकास पथ को पटरी से नहीं उतार पाएंगे।

इस बार मानसून सत्र प्रगति के नए परिणाम देगा। अमित शाह ने मानसून सत्र को लेकर कहा कि, इस बार मानसून सत्र को लेकर देशवासियों को काफी उम्मीदें हैं। किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण विधेयकों पर सरकार बहस और चर्चा के लिए तैयार हैं।

इसके साथ ही अमित शाह ने आगे कहा कि, अभी कुछ दिन पहले ही मंत्रिपरिषद का विस्तार किया गया जिसमें महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों पर विशेष बल दिया गया। लेकिन देश में कुछ ऐसी ताकतें हैं जो इस बात को पचा नहीं पा रही हैं।

वे राष्ट्रीय प्रगति को भी बाधित करना चाहते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि ये लोग आखिर किसके इशारे पर चल रहे हैं, जिनकी मंशा भारत को खराब अवस्था में ले जाना है। आखिर इससे उन्हें क्या खुशी मिलती है कि वे बार-बार भारत को खराब छवि में दिखाते हैं?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी बात पूरी करते हुए कहा कि, मैं पूरे देश के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मोदी सरकार की प्राथमिकता साफ है। हमारी सरकार का उद्देश्य ‘राष्ट्रीय कल्याण’ है और हम इसे हासिल करने के लिए काम करते रहेंगे चाहे कुछ भी हो जाए। बता दें की पेगासस इजरायली फर्म एनएसओ द्वारा विकसित एक स्पाइवेयर है। पेगासस का इस्तेमाल स्मार्टफोन को हैक करने और WhatsApp चैट की डिटेल्स को स्कूप करने के लिए किया जा सकता है।

क्या है स्पाइवेयर पेगासस
स्पाइवेयर पेगासस को इजराइल के NSO ग्रुप द्वारा बेचा जाता है। इसका इस्तेमाल लगभग 300 भारतीयों पर निगरानी करने के लिए किया जा चुका है। सबसे पहले यह स्पाईवेयर 2016 में सामने आया था। कहा जाता है की यह वायरस ज्यादातर iOS यूजर्स को अपना निशाना बनता है जिसके चलते iOS ने सॉफ्टवेयर अपडेट देते हुए बोला की उन्होंने सारे लूप होल और सिक्योरिटी से जुड़ी दिक्कतों को ठीक कर दिया है। इसी के साथ बाद में यह भी पता चला की यह एंड्रॉयड फोन को भी अपना निशाना बना सकता है।

नॉन-प्रॉफिट फ्रांसीसी मीडिया, फॉरबिडन स्टोरीज और एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, जिसमें केंद्र में दो कैबिनेट मंत्री, तीन विपक्षी नेता, एक संवैधानिक प्राधिकरण, सरकारी अधिकारी, वैज्ञानिक और लगभग 40 पत्रकार शामिल हैं। इस लिस्ट में एक्टिविस्टऔर बिजनेसमैन भी शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट के एक मौजूदा जज के नाम से लिंक्ड एक नंबर भी डाटाबेस पर था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं था कि क्या जज अभी भी WhatsApp और सेवाओं के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे थे।

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