20 करोड़ टैक्स चोरी के आरोपों के बीच सोनू सूद ने तोड़ी चुप्पी, कहा- फाउंडेशन का एक-एक रुपया कीमती…

कोरोना काल में जरूरतमंदों की मदद करने वाले सोनू सूद के दफ्तर में इन दिनों आयकर विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी ने सबको हैरत में डाल दिया है। जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग ने सोनू सूद के खिलाफ कथित कर चोरी मामले में मुंबई, नागपुर, जयपुर सहित 6 ठिकानों पर छापेमारी की थी।

जिसके बाद आयकर विभाग ने बयान जारी कर कहा कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम के उल्लंघन के अलावा, अब तक सोनू सूद और उनके सहयोगियों द्वारा 20 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की गई है। अब इन आरोपों पर सोनू सूद ने पहली बार अपना पक्ष रखा है। सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा- ‘सख्त राहों में भी आसान सफर लगता है, हर हिंदुस्तानी की दुआओं का असर लगता है..

आगे अपने पोस्ट में सोनू लिखते हैं कि: -“आपको हमेशा अपना पक्ष रखने की जरूरत नहीं है। यह समय करेगा। मैंने अपनी पूरी ताकत और दिल से भारत के लोगों की सेवा के लिए खुद को प्रतिबद्ध किया है। मेरे फाउंडेशन का एक-एक रुपया हर कीमती जिंदगी बचाने और जरूरतमंदों तक पहुंचने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहा है।

इसके साथ ही कई मौकों पर ब्रांड्स को मैंने अपनी एंडोर्समेंट फीस मानवीय कारणों की वजह से दान करने के लिए प्रोत्साहित किया है, जिससे हमें आगे बढ़ने में मदद मिलती है। मैं कुछ मेहमानों की सेवा में व्यस्त था इसलिए पिछले 4 दिनों से आपकी सेवा के लिए नहीं आ पा रहा था। अब मैं फिर से पूरी विनम्रता के साथ वापस आ गया हूं। जिंदगी भर आपकी सेवा में। मेरी यात्रा जारी है। ‘कर’ भला, हो भला, अंत भले का भला। जय हिंद”

उधर, इस तलाशी अभियान को लेकर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने कहा है कि सोनू के खिलाफ 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। सीबीडीटी ने कहा है कि अभिनेता और उनके सहयोगियों के परिसरों की तलाशी के दौरान, कर चोरी से संबंधित आपत्तिजनक साक्ष्य मिले हैं। सीबीडीटी ने कहा कि अभिनेता ने फर्जी संस्थाओं से फर्जी और असुरक्षित ऋण के रूप में बेहिसाब पैसे जमा किए थे। 

वहीं आयकर विभाग ने कहा कि सूद ने FCRA कानून का उल्लंघन करते हुए विदेशी दानदाताओं से एक क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग कर ₹ 2.1 करोड़ जुटाए हैं CBDT ने कहा कि आयकर विभाग ने मुंबई में अभिनेता के विभिन्न परिसरों में और बुनियादी ढांचे के विकास में लगे लखनऊ स्थित औद्योगिक समूह में छापेमारी और जब्ती अभियान चलाया। सीबीडीटी के मुताबिक मुंबई, लखनऊ, कानपुर, जयपुर, दिल्ली, गुरुग्राम समेत कुल 28 परिसरों पर लगातार तीन दिनों तक छापेमारी की गई थी।

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