वैज्ञानिकों ने विकसित की लेजर मशीन, अब लेजर मशीन से 50 मिली सेकेंड में मरेगा कोरोना वायरस

संयुक्‍त राष्‍ट्र के वैज्ञानिकों ने इटली की टेक कंपनी के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक ऐसी मशीन विकसित की है जिससे कोरोना को मार पाना संभव हुआ है। दरअसल वैज्ञानिकों ने एक लेजर मशीन विकसित की है जो चार दीवारी के भीतर मौजूद कोरोना वायरस कणों को मार सकती है।

उत्तरी इटली के शहर ट्रिस्टे में स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी और लेजर उपकरण बनाने वाली स्थानीय कंपनी एल्टेक के-लेजर ने मिलकर ये प्रयास पिछले साल शुरू किया था, जब इटली कोविड-19 की मार झेल रहा था।

वैज्ञानिकों का दावा है कि डिवाइस में हवा को लेजर बीम से होकर गुजारा जाता है और वह वायरस और बैक्टीरिया को खत्म कर देती है। इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्‍नोलॉजी में कार्डियोवस्कुलर बायोलॉजी ग्रुप की प्रमुख सेरेना जकिन्या कहती हैं, “इस डिवाइस ने लेजर टेक्नोलॉजी को लेकर मेरी सोच को पूरी तरह से बदल दिया है। यह डिवाइस 50 मिलीसेकेंड में वायरस को खत्म कर देता है।”

वहीं दूसरी ओर कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस को मारने के लिए लेजर आधारित तकनीक सुरक्षित नहीं होगी। बता दें जर्नल ऑफ फोटोकेमिस्ट्री एंड फोटोबायोलॉजी में पिछले साल नवंबर में पब्लिश हुई एक स्टडी में लेजर आधारित डिवाइस से कैंसर का खतरा बताया गया था। हालांकि जनाटा और जकिन्‍या दोनों ने ही इस तरह की रिपोर्ट को खारिज किया है।

इनका मानना है कि इससे निकलने वाली लेजर कभी इंसान की त्‍वचा के संपर्क में नहीं आती है, इसलिए इससे कैंसर होने का भी खतरा नहीं है। उन्‍होंने ये भी कहा है कि ये डिवाइस पूरी तरह से सुरक्षित है। इसके अलावा ये रिसाइकिल प्रोडेक्‍ट है। जनाटा ने कहा है कि “हमारी डिवाइस कुदरत के खिलाफ कुदरत को इस्तेमाल करती है। ”कंपनी को इस डिवाइस का पेटेंट मिल गया है।

कंपनी की कोशिश है कि यह डिवाइस जल्‍द ही अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर ले जाया जाए। वहीं इसके छोटे आकार की वजह से इस कहीं भी ले जाना आसान है। इसकी ऊंचाई पांच फीट 9 इंच और वजन लगभग 25 किलोग्राम है। कंपनी का कहना है कि इसे एयरकंडीशनिंग यूनिट में भी लगाया जा सकता है।

इस तकनीक की एक खामी यह है कि वायरस और बैक्टीरिया हवा में ही खत्म किए जा सकते हैं। अगर वे हवा से फर्श या किसी सतह पर गिर जाएं तो लेजर काम नहीं करेगी। इसके अलावा यदि वायरस छींक से या किसी के ऊंचा बोलने से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचा तो यह लेजर उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी।

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