वैज्ञानिकों का दावा, एक जगह पर घंटो बैठने से मोटापा ही नहीं मानसिक सेहत भी बिगड़ने का खतरा

इंग्लैंड की हडर्सफील्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है की एक ही जगह पर घंटो बैठने से मोटापे के साथ साथ इंसान की मेंटल हेल्थ पर भी बुरा असर पड़ सकता है। इस स्टडी की शुरुआत मार्च, 2020 में लगे पहले लॉकडाउन में की गई थी।

रिसर्च करने वाली टीम के अनुसार, लॉकडाउन में वर्क फ्रॉम होम के दौरान लोग 8 घंटे से अधिक एक ही जगह पर बैठकर काम करते थे। इतने लम्बे समय तक काम करने असर उनकी मेंटल हेल्थ पर भी पड़ा है। वैज्ञानिकों का कहना है की हफ्तेभर में 150 मिनट एक्सरसाइज करने वाले लोगों के भी दिमाग पर बुरा असर पड़ा था।

अगर और लम्बे समय तक बैठकर काम करना पड़ रहा है तो और भी ज्यादा एक्सरसाइज करने की जरूरत है शोधकर्ता डॉ. लियान जेवेडो के मुताबिक,एक इंसान को कम से कम 30 से मिनट से अधिक एक्सरसाइज करनी चाहिए। वर्कआउट के लिए 1 घंटे का समय आदर्श माना जाता है। उन्होंने बताया यह स्टडी वर्क फ्रॉम होम कर रहे 300 लोगों पर की गई। इनमें से 50 फीसदी लोग 8 घंटे से ज्यादा लम्बे तक बैठकर काम कर रहे थे। 

उन्होंने आगे कहा की मेंटल हेल्थ पर बुरे असर को रोकने के लिए अपने सिटिंग का टाइम घटाएं यानी लम्बे समय तक एक जगह बैठने की आदत को बदलें। सिर्फ जिम जाना ही काफी नहीं है, मेंटल हेल्थ को सुधारने के लिए गार्डनिंग जैसी एक्टिविटीज करने की जरूरत है। इससे फिजिकली और मेंटली स्वस्थ रहा जा सकता है।

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