वैज्ञानिकों का दावा; लो-ब्लड प्रेशर से जूझ रहे मरीजों में 10 फीसदी स्ट्रोक का खतरा, जानिए इसके लक्षण और बचने के उपाय

वैज्ञानिकों ने अपनी हालिया रिसर्च में दावा किया है की स्ट्रोक की एक बड़ी वजह हाई ब्लड प्रेशर भी हो सकता है। यह दावा बॉस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ता डॉ. ह्यूगो जे एप्रिशियो ने अपनी रिसर्च में किया है। उनका दावा है की लो ब्लड प्रेशर से जूझने वाले 10 फीसदी मरीजों में स्ट्रोक का खतरा रहता है। लो-ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक के कनेक्शन को शोधकर्ता डॉ. ह्यूगो ने 30 हजार ऐसे बुजुर्गों पर अध्ययन किया जो इस्कीमिक स्ट्रोक से जूझ चुके थे। इनमें 18 महीने पहले स्ट्रोक का मामला आया था।

शोधकर्ता डॉ. ह्यूगो जे एप्रिशियो के मुताबिक, ” इनका हेल्थ डाटा बताता है कि जो मरीज स्मोकिंग करते थे, हृदय रोगी थे या डिमेंशिया या कैंसर से जूझ रहे थे, उनमें स्ट्रोक का खतरा और भी ज्यादा था। स्ट्रोक के खतरे से बचने के लिए लो-ब्लड प्रेशर पर नजर रखने के साथ इसके रिस्क फैक्टर्स से भी खुद को बचाने की जरूरत है। इसलिए स्मोकिंग से दूर रहें। ऐसी लाइफस्टाइल अपनाएं जो हृदय रोगों और कैंसर का खतरा कम करे।”

लक्षण

सामान्य तौर पर जब आप अचानक बेहद कमजोरी महसूस करें या चक्कर आने जैसे लक्षण निम्न रक्तचाप के हो सकते हैं, लेकिन प्रमुख रूप से थकान, डिप्रेशन, जी मचलाना, प्यास लगना, त्वचा में पीलापन, शरीर ठंडा पड़ जाना, आधी-अधूरी और तेज सांसें आना, छाती में दर्द, अनियमित धड़कनें, तेज बुखार, गर्दन का अकड़ जाना, अगर ज्यादा लंबे समय तक लो ब्लड प्रेशर की समस्या हो तो उल्टी और डायरिया भी हो सकती है, बेहोशी, अत्यधिक थकान, कुछ समय के लिए धुंधला या कुछ दिखाई न देना आदि निम्न रक्तचाप के प्रमुख लक्षण होते हैं।

खतरा

• अंदरुनी रक्तस्राव के कारण ब्लड इंफेक्शन की आशंका बढ़ जाती है।

• इसके अलावा यह आपके नर्वस सिस्टम व ब्रेन को भी डैमेज कर सकता है।

• चक्कर आने से कई बार लोग गिर सकते हैं और उन्हें गंभीर चोट भी आ सकती है।

• स्ट्रोक, डेमेन्शिया (मनोभ्रम), ब्रेन डिसऑर्डर, किडनी डिजीज आदि से पीड़ित हो सकते हैं।

• प्रेग्नेंसी में अगर लो बीपी का ध्यान न रखा गया, तो स्टिल बर्थ (कोख में बच्चे की मृत्यु) जैसे कॉम्प्लीकेशन्स हो सकते हैं।

• इसके कारण शॉक (सदमा पहुंचना) भी लग सकता है, जिससे शरीर के कई ऑर्गन्स बुरी तरह डैमेज हो सकते हैं और यह प्राणघातक भी हो सकता है।

• अगर आपको लो बीपी है और आपको कुछ दिनों से चक्कर, थकान, उबकाई जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं, तो यह काफी गंभीर हो सकता है किडनी और प्रॉब्लम्स हार्ट आप कारण इसके हो भी शिकार के फेलियर सकते हैं।

उपाय

• खाने में नमक की मात्रा बढ़ा दें।

• भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम कर दें।

• कम से कम आठ गिलास पानी और अन्य पेय रोज पीएं।

• अपने खाने में साबूत अनाज, फल, सब्जियां और मछली शामिल करें।

• जो लोग पहले से हाई बीपी की दवा ले रहे हैं, वे दवा खाना बंद कर दें।

• अगर खाने के बाद ब्लड प्रेशर कम हो जाता है तो थोड़ी मात्रा में खाएं। दिन में तीन बार अधिक मात्रा में खाने की बजाए छह बार थोड़ी मात्रा में खाएं। खाने के बाद थोड़ा आराम करें।

• कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ और ड्रिंक्स हैं जिनसे ब्लड प्रेशर तुरंत बढ़ता है। सबसे अच्छी बात तो ये है कि इन्हें आपको कहीं ढूंढने की जरुरत नहीं है, ये आपको आपके किचन में ही मिल जाएंगे। यदि आपको लगता है कि आपका ब्लड प्रेशर कम है और आपको कमजोरी महसूस हो रही हैं तो आधा कप स्ट्रॉग कॉफी पिये। इससे ब्लड प्रेशर तुरंत बढ़ जाएगा।

More articles

- Advertisement -
Web Portal Ad300x250 01

ताज़ा ख़बरें

Trending