साइंस फ्यूजन: खेल-खेल में विज्ञान

नवनीत कुमार गुप्ता
उत्साह… उमंग….. हर्ष …..उल्लास…गतिविधियां…..प्रयोग … इसी का नाम है साइंस फ्यूजन । 23 मई से 30 मई, 2022 को विज्ञान प्रसार द्वारा आयोजित साइंस फ्यूजन कार्यक्रम के माध्यम से, विद्यार्थियों ने प्रयोगों, अवलोकनों, परीक्षणों, गतिविधियों जैसे अनेक रोचक माध्यमों से विज्ञान को समझा। साइंस फ्यूजन कार्यक्रम का शुभारंभ 23 मई को नोएडा के सेक्टर – 62 में स्थित राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केन्द्र यानी एनसीएमआरएफडब्ल्यू (NCMRWF) के सभागार में किया गया था। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में नवोदय विद्यालय समिति के उपायुक्त श्री ज्ञानेन्‍द्र कुमार मुख्य अतिथि थे। राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केन्द्र के प्रमुख डा. ए. के. मित्रा इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। विज्ञान प्रसार के निदेशक डॉ. नकुल पाराशर भी इस अवसर पर उपस्थित थे। 23 मई को उद्घाटन सत्र के बाद दो सत्रों का आयोजन किया गया। पहले सत्र फन विद् मैथेमेक्टिस पर आधारित था जिसमें मैक्स केनवास की अपूर्वा भाटिया ने गणित को मनोरजंक तरीके से समझाया दूसरे तकनीकी सत्र का विषय “खिलौनों में विज्ञान किस प्रकार कार्य करता है” विषय पर था। इस सत्र के विशेषज्ञ सीएसआईआर-निस्पर से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. सुरजीत डबास थे। पहले दिन का अंतिम सत्र कृत्रिम घोंसलों के निर्माण पर था। विज्ञान प्रसार से श्रीमति रीता, डॉ. इरफाना, श्रीमति छबी एवं कुलदीप सिंह द्वारा घोंसलों को बनाना सिखाया। बाद में इन घोंसलों को परिसर में पेड़ों पर लटकाया गया।

साइंस फ्यूजन के दूसरे दिन यानी 24 मई, 2022 को पहला सत्र विज्ञान कविता लेखन और पोस्टर निर्माण पर था। इस सत्र की विशेषज्ञ बाल भवन की पूर्व निदेशक एवं प्रसिद्ध लेखिका डॉ. मधु पंत थी। सत्र में बच्चों ने विज्ञान कविताओं की भी रचना की। जिनमें से पांच कविताओं को पुरस्कृत भी किया गया। बच्चों ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास संबंधी पोस्टर भी बनाए। दूसरे सत्र में फन विद्ला ईट पर था। इस सत्र में जॉय ऑफ लर्निंग फाउंडेशन से विशेषज्ञ आशी मानसिंह ने रोचक गतिविधियों कीं। 24 मई को तीसरा सत्र फन विद् साउंड पर था। इस सत्र में जॉय ऑफ लर्निंग फाउंडेशन से विशेषज्ञ मनीषा यादव एवं उनके अन्य साथियों ने ध्वनि को समझाने वाले रोचक प्रयोगों को दिखाया। दूसरे दिन के अंतिम सत्र में विज्ञान प्रसार के वैज्ञानिक श्री कपिल त्रिपाठी ने गतिवधि आधारित विज्ञान शिक्षण पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित करायीं।

साइंस फ्यूजन के तीसरे दिन यानी 25 मई, 2022 को डा. इरफाना बेगम माइक्रोस्कोप पर बात की जिसमें फोल्डस्कोप बनाने के साथ ही माइक्रोस्कोप से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की बच्चों ने माइक्रोस्कोप की मदद से सूक्ष्मजीवों को भी देखा। यह सत्र काफी रोचक था। 25 मई, 2022 को आयोजित दूसरा सत्र “नो यूअर फूड हैबिट” पर था। इस सत्र में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. स्वाति माहेश्वरी ने बच्चों को संतुलित आहार के बारे में जानकारी दी। तीसरे दिन एयरोडायनोमिक्स पर पुणे के डॉ. माधव खरे ने रोचक प्रयोगों के माध्यम से वायुगतिकी के सिद्धांत समझाए। बच्चों ने प्रयोगों के माध्यम से वायुगतिकी को समझा। जिसमें बच्चों ने खुद के कागज एवं प्लास्टिक की शीटों से अपने स्वयं के जहाज बना कर उड़ाये।

साइंस फ्यूजन के चौथे दिन यानी 26 मई, 2022 को चार सत्रों का आयोजन किया गया। पहले सत्र में विज्ञान प्रसार में वैज्ञानिक डॉ. टी. वी. वेंकटेश्वर ने रोचक व्याख्यान दिया जिसका शीर्षक था “व्हाई डज साइंस नॉट बिलीव इन ड्रैगन बट डायनासोर्स”। बच्चों ने इस सत्र में डायनासोर, ड्रेगन, भूत आदि से जुड़ें रोचक सवाल पूछे। दूसरा सत्र ओरिगेमी पर आधारित था। जिसमें विज्ञान प्रसार से श्रीमती रीता ने बच्चों को पेपर से रोचक कलाकृतियां बनाना सिखायी। तीसरा सत्र दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. इंद्रकांत सिंह ने लिया। जिसमें बॉयालोजी मीट्स कम्प्यूटर: फन एंड फंडामेंटल विषय पर रोचक व्याख्यान दिया। इस सत्र में विद्यार्थियों ने जीवविज्ञान की बारिकियां जानीं। चौथा सत्र रसायन विज्ञान के प्रयोगों पर आधारित था। इसमें दिल्ली शिक्षा विभाग से आए डॉ. नरेन्द्र सिंह ने रोचक प्रयोगों के माध्यम से रसायन विज्ञान को समझाया।

साइंस फ्यूजन के पांचवें दिन यानी 27 मई, 2022 को विज्ञान प्रसार के डॉ. बी. के. त्यागी द्वारा जलवायु परिवर्तन गतिविधि किट का प्रदर्शन किया गया। यह सत्र जलवायु परिवर्तन की संभावित चुनौतियों और खतरों के बारे में आगाह करने हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पर आधारित था। दूसरे सत्र में विज्ञान प्रसार के वैज्ञानिक श्री कपिल त्रिपाठी द्वारा भूकंप किट का प्रदर्शन किया गया। इस सत्र में भूकंप के कारणों और बचाव पर विस्तार से चर्चा की गयी। 27 मई के तीसरे सत्र में राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान यानी एनसीएमआरएफडब्ल्यू (NCMRWF) में स्थित सुपर कम्प्यूटर दिखाया गया। सुपर कम्प्यूटर के बारे में राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बी.अतियमन ने बच्चों से बात की। 27 मई को शाम को खगोलविज्ञान पर एक सत्र के साथ “नाईट स्काय वाचिंग” गतिविधि का आयोजन किया गया। भोपाल से आए श्री मुकेश कुमार ने इस सत्र का संचालन किया।

साइंस फ्यूजन के छठे दिन 28 मई 2022 को राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केन्द्र के परिसर में सुबह नेचर वॉक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर WWF foundation के डॉ. इश्तियाक ने जैवविविधता के महत्व के बारे में बताया। NCMRWF परिसर में उपलब्ध पेड़-पौधों एवं उनके महत्व के बारे में बताया गया। दूसरे सत्र में विज्ञान प्रसार में वरिष्ठ सलाहकार मीडिया सौरव सेन ने इंडिया साइंस, विज्ञान प्रसार की एक गतिविधि इंगेज विद् साइंस के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विज्ञान प्रसार का यह कार्यक्रम विद्यार्थियों ने विज्ञान के प्रति आकर्षित कर रहा है। विज्ञान नाटकों पर एक सत्र आधारित था। इस सत्र में दिल्ली शिक्षा विभाग से आए शिक्षकों ने विज्ञान नाटक का मंचन करने के साथ ही विज्ञान नाटक पर कार्यशाला आयोजित की।

साइंस फ्यूजन के अंतिम दिन 30 मई को पहले सत्र में सप्रो इलेक्ट्रानिक्स, गाजियाबाद के श्री संजीव मलिक ने Arduino based robots बनाना सिखाए। दूसरे सत्र में सप्रो इलेक्ट्रानिक्स, गाजियाबाद के श्री संजीव मलिक ने इलेक्ट्रॉनिक्स संबंधी प्रयोग किए। तीसरे सत्र में एम्स के प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. नंद कुमार के समूह ने स्ट्रेस रिलीविंग एक्सरसाइज करवायी। 30 मई को आयोजित समापन सत्र के विशेष अतिथि डीआरडीओ से सेवानिवृृत्त वैज्ञानिक एवं प्रसिद्ध विज्ञान लेखक सुभाष लखेड़ा थे। उन्होंने इस अवसर पर वैज्ञानिकों के रोचक संस्मरण भी सुनाए। इस अवसर पर विज्ञान प्रसार के कुल​सचिव श्री इन्द्रजीत सिंह भी उपस्थित थे। उन्होंने बच्चों को विज्ञान के महत्व से अवगत कराया।

विज्ञान प्रसार के वैज्ञानिक श्री कपिल त्रिपाठी इस कार्यक्रम के प्रभारी थे। विज्ञान प्रसार में परियोजना अधिकारी डॉ. इरफाना बेगम ने इस कार्यक्रम का समन्वय किया। इस कार्यक्रम में बच्चों, विशेषज्ञों और विज्ञान प्रसार के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साइंस फ्यूजन कार्यक्रम का आयोजन 2015 से किया जा रहा है। यह कार्यक्रम बच्चों को विज्ञान को प्रयोगों और गतिविधियों के साथ, सीखने का अवसर प्रदान करता है।

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