ध्वनि कहों या आवाज़ इसमें हैं बात कुछ खास

ध्वनि कहों या आवाज़
इसमें हैं बात कुछ खास
कभी संगीत की मधुरता
को कभी शोर, घर्षण का
लेकिन यही हैं, सुखद अहसास
हर ध्वनि हैं, अपने में एक रास
इतना मीठा हैं, लताजी का गायन
इतना प्यारा लगा, रहमान जी
का बनाया, संगीत सुन
भाव और भावनाओं की हैं हर बात
कभी कठोर,कभी नरम सीआती आवाज
इसमें कुछ हैं, बेहद ही खास
कई गायक आये और दे गए
हरदम के लिए अपनी आवाज़
दर्द भरे गीत, खुशी के गीत
कभी साथ गाते, मनमीत
प्रार्थना सुनकर बढ़ती प्रीत
और बढ़ता सबको साथ ले, वो विश्वास
देशप्रेम के गीतों ने पिरोया
हम मोतियों को आज
रेडियो की धुन की आवाज़
दूरदर्शन की धुन का साज़
इनमें हैं कुछ नया अंदाज़
ध्वनि हो या आवाज़ सब हुए खास
सचिन नरवडिया

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