समाजवादी पार्टी ने अखिलेश को बताया भगवान कृष्ण का अवतार…संतो ने नाराजगी जताते हुए अखिलेश को दी चेतावनी

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सोशल मीडिया पर माहौल बनाने के लिए अभियान भी शुरू कर दिया गया है। इसी बीच समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के फेसबुक पेज पर एक गाना जारी किया गया है जिसमें यूपी के पूर्व सीएम और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तुलना भगवान कृष्ण से की गई है। इस गाने में अखिलेश को ‘मुरलीधर कृष्ण’ बताया गया है। गाने के बोल के बारे में बात करते हुए, यह कहा गया है कि “मुरलीधारी कृष्णा के वेश में आ रहे हैं, अखिलेश आ रहे हैं, अखिलेश आ आ रहे हैं।” इस गाने को समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी ने लिखा है। इस गाने के वीडियो में समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार द्वारा किए गए कार्यों का जिक्र है, जिसमें बच्चियों की पढ़ाई का खर्च वहन करने से लेकर छात्रों को लैपटॉप देने तक का जिक्र है। इतना ही नहीं, वीडियो में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में बने राजमार्गों और सपा सरकार के दौरान शुरू किए गए सड़क परियोजनाओं का जिक्र है।

2017 में चुनाव हारने के बाद जब उन्होंने मुख्यमंत्री आवास खाली किया तो उन पर आरोप लगे कि वह अपने साथ घर की नलियां भी ले गए। इसके बाद से ही विपक्ष उन्हें अड़चन कह रहा है। ऐसे में अखिलेश की “थूकने वाली छवि” को बदलने के लिए सपा कार्यकर्ता अब उन्हें ‘मुरलीधर कृष्ण’ कह रहे हैं, लेकिन निश्चित रूप से इससे उन्हें कोई राजनीतिक फायदा नहीं होना होगा, लेकिन उन्हें इस गाने के कारण हिंदुओं का आक्रोश झेलना पड़ सकता है। बता दें की समाजवादी पार्टी के इस चुनावी गाने में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश को मुरलीधर कृष्ण बताया गया है।  बता दें कि समाजवादी पार्टी आगामी यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को और अधिक सक्रिय बनाने के लिए विशेष ध्यान दे रही है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश संभवत: पिछले दो साल से ट्विटर और फेसबुक पर ज्यादा सक्रिय हैं। यहां वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी के अन्य नेताओं पर हमले करते रहते हैं। हाल ही में अखिलेश वैक्सीन को लेकर दिए गए अजीबोगरीब बयानों को लेकर चर्चा में आए थे। इतना ही नहीं मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए मुख्य रूप से बदनाम पूर्व सीएम अखिलेश की तुलना भगवान श्रीकृष्ण से कर सपा कार्यकर्ताओं को आने वाले समय में इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।

अखिलेश के गाने पर जमकर हो रहा विरोध
आजतक पर डिबेट के दौरान भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा ने कहा, “घोर कलियुग आ गया है। भगवान को और कितना अपमानित करेंगे कि खुद को ही भगवान बता दिया। शर्म नहीं आती। खुद को विष्णु अवतार बताने वालों ने एक ज़माने ने विष्णु अवतार के भक्तों पर गोली चलवा दी थी। सबसे पहले अखिलेश बताएँ कि ब्रज के लिए क्या किया है।” भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा की आज तक मैंने तो अखिलेश को ब्रज की होली खेलते नहीं देखा। योगी जी ज़रूर गए। अपने आपको भगवान कहने वाले हमारे भगवान को गाली देते हैं।
 बीजेपी प्रवक्ता नुपुर शर्मा और पलटवार करते हुए सपा प्रवक्ता ने कहा, जिसकी जैसी सोच होगी, वैसा ही सोचेगा। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने जिस महिला के पैर छुए थे, उसका नाम था सीता। कोरोना के समय उस महिला को इलाज नहीं मिला। उन्होंने गड्ढामुक्त यूपी और बेरोजगारी के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरने की कोशिश की। सपा प्रवक्ता ने कहा, कफन चोरों से किसी सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है। इसी पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, 29 सालों में सपा, भाजपा सब टेस्टेड और रिजेक्टेड हो चुकी हैं। इस बार कांग्रेस प्रियंका जी के नेतृत्व में यूपी में सरकार बनाने जा रही है।

संतो ने जताई नाराजगी
भगवान कृष्ण से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तुलना किए जाने पर संतों ने नाराजगी जताई है। इसपर अयोध्या के संतों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। तपस्वी छावनी के महंत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा है कि अखिलेश यादव सिर्फ ‘यादव’ होने के नाते भगवान कृष्ण नहीं हो सकते हैं।

तपस्वी छावनी के महंत का कहना है कि भगवान कृष्ण ने गौ रक्षा और धर्म रक्षा के लिए अवतार लिया था।अखिलेश यादव गौ मांस खाने वालों के साथ हैं। ऐसे में उनको लोग भगवान कृष्ण का अवतार कैसे कह सकते हैं? यह सनातन धर्म का अपमान है। इसका खामियाजा अखिलेश यादव को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा है कि अखिलेश यादव की राजनीति तुष्टिकरण की है। मुलायम सिंह ने वोट के लिए कारसेवकों पर गोली चलाई थी, ‘उनसे गलती हो गई’ कहकर बलात्कारियों का बचाव किया था।
अयोध्या अखिल भारतीय वैष्णव अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता महंत गौरीशंकर दास ने भी सपा के चुनावी थीम सॉन्ग में अखिलेश यादव से कृष्ण की तुलना एवं संतों का नाम लिए जाने पर नाराजगी प्रकट की है। महंत गौरीशंकर दास का कहना है कि थीम सॉन्ग उनकी गंदी मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव भगवान कृष्ण के रोये के बराबर भी नहीं हैं। थीम सॉन्ग में अखिलेश की तुलना कृष्ण से करने की संत समाज व वैष्णव अखाड़ा परिषद घोर निंदा करता है।

7 दिन के अंदर गाना हटाने की चेतावनी
महंत परमहंस ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव सत्ता का भूखा भेड़िया बताकर कहा है कि इस गाने को तुरंत हटाना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर यह कैंपेन सॉन्ग 7 दिन में नहीं हटा, तो इसका परिणाम सपा वाले झेल नही पाएंगे।

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