राकेश टिकैत ने दी योगी सरकार को धमकी कहा- दिल्ली की तरह लखनऊ की सड़को का भी करेंगे घेराव

किसान नेता राकेश टिकैत ने योगी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है की वह जल्द ही दिल्ली की तरह ही लखनऊ का भी घेराव करेंगे। टिकैत ने कहा कि हमने जिस तरह से दिल्ली को घेर रखा है, वैसे ही यूपी की राजधानी दिल्ली का भी घेराव करेंगे। टिकैत ने कहा कि यहां चुनाव होने वाले हैं और हमारे कई मुद्दे हैं। देश में सबसे ज्यादा बिजली यहां है। गन्ने के भुगतान नहीं हो रहे हैं। फसलों के दाम नहीं बढ़ रहे हैं। हम लखनऊ को भी दिल्ली बनाएंगे। इसे भी दिल्ली जैसा बनाएंगे। 

राकेश टिकैत ने आगे कहा कि हमें राज्यों की राजधानियों को भी दिल्ली बनाना होगा। हालांकि किसान नेता ने लखनऊ में आंदोलन शुरू करने की तारीख का ऐलान नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का नेतृत्व किसान करेंगे और वही तारीख तय कर लेंगे। इसके अलावा राकेश टिकैत ने 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में महापंचायत का भी ऐलान किया। इस दौरान किसान आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।

टिकैत ने आगे कहा-
“हमारी लड़ाई बीजेपी से नहीं है बल्कि मोदी सरकार से है। हम सरकार के आरोपों से डरने वाले नहीं हैं। सरकार जब तक तीन कानूनों को वापस नहीं लेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सरकार एमएसपी के लिए कानून नहीं बना रही है। यह सिर्फ किसानों के लिए ही आंदोलन नहीं है बल्कि गरीबों, मजदूरों के लिए भी है। हम देश भर के किसानों से राज्य सरकारों की भी नीतियों और कामों को लेकर बात करेंगे।

मोदी सरकार ने पूरे देश पर कब्जा जमा लिया है। हम 14 और 15 अगस्त को ट्रैक्टरों से गाजीपुर बॉर्डर पर जाएंगे और झंडा फहराएंगे। दो जिलों से दिल्ली के लिए ट्रैक्टर जाएंगे। वैसे भी हमने 26 जनवरी को तिरंगा झंडा नहीं हटाया था। “यूपी चुनाव के मद्देनजर ऐसा करने के सवाल पर टिकैत ने कहा, “हमारा चुनाव से क्या मतलब है। जनता जिससे खुश होगी, उसे वोट दे देगी।

“राकेश टिकैत ने चुनाव से पहले आंदोलन को लेकर कहा कि क्या हम चुनावी राजनीति में हिस्सा नहीं ले सकते? हम भी तो इसी देश के नागरिक हैं। बीते दिनों एसी में आराम करने की अपनी तस्वीर वायरल होने को लेकर भी राकेश टिकैत ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि एसी तो एक यंत्र है, जो वातावरण को ठंडा रखता है। मैं गाजीपुर में किसान आंदोलन की जगह पर बने प्रेस क्लब में कुछ देर के लिए लेट गया था, जिसकी तस्वीर मीडिया वालों ने ही वायरल कर दी।

वहीं पैसा लेकर आंदोलन करने के आरोपों पर राकेश टिकैत ने कहा कि कहां मिल रहा है? हमें भी दिला दो। टिकैत ने कहा कि हमने जिस तरह से दिल्ली की सीमाओं को घेर रखा है, वैसे ही हम यूपी की राजधानी की भी घेराव करेंगे। 
बता दें कि दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन को आठ महीने हो गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से कृषि मंत्री और यहां तक कि पीएम नरेंद्र मोदी भी किसानों से कह चुके हैं कि तीन कृषि कानूनों में जो कमियां बताई जाएंगी, उन्हें सरकार दुरुस्त करेगी।

बावजूद इसके राकेश टिकैत जैसे किसान नेता कोई बात सुनने के लिए राजी नहीं हैं। इन लोगों की मांग तीनों कानूनों को रद्द करना है। राकेश टिकैत और अन्य किसान संगठनों को कांग्रेस, अकाली दल, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दलों के अलावा समाजवादी पार्टी का भी समर्थन हासिल है। इससे साफ है कि कृषि कानूनों को लेकर सिवाय सियासत चमकाने के अलावा कुछ नहीं किया जा रहा है।

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