राजस्थान: पंजाब के बाद राजस्थान में खींचतान, मुश्किल में गहलोत, पार्टी में बड़े फेरबदल की आशंका

पंजाब में अभी कलह शांत ही नही हुआ था की अब राजस्थान में भी तनातनी का माहौल नजर आने लगा है। इस बार मामला सचिन पायलट के कारण पेचीदा हो गया है। जिस पर कांग्रेस आलाकमान ने राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से राज्य मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल करने का आदेश दिया है। कांग्रेस आलाकमान के इस आदेश ने अशोक गहलोत को बड़ी मुश्किल में डाल दिया है।

अब गहलोत परेशान हैं कि किसे मंत्री बनाएं और किसे हटाएं। क्योंकि अगर सचिन के खेमे से मंत्री नहीं लिया, तो मुश्किल और उनके खेमे वाले किसी को मंत्री पद से हटाया तो भी मुश्किल ही पैदा होने वाली है। खबरों के मुताबिक, गहलोत ने अपनी इस दुधारी मुश्किल के बारे में आलाकमान को जानकारी दी थी। जिसके बाद सोनिया गांधी के निर्देश पर राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी अजय माकन और केंद्रीय नेता केसी वेणुगोपाल आज जयपुर में पार्टी के पदाधिकारियों और विधायकों से मिलकर उनकी राय जानेंगे।

गहलोत की मुश्किल इसलिए भी बड़ी है क्योंकि पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट से उनकी जंग अब भी जारी है। ऐसे में दोनों गुटों को साधने में माकन और वेणुगोपाल को भी दिक्कत हो सकती है। मंत्रियों की संख्या को लेकर भी कांग्रेस आलाकमान के दूत परेशान हैं। फिलहाल गहलोत सरकार में मंत्रियों की संख्या 21 है और अधिकतम 30 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में किस-किस को मंत्री बनाया जाए, ये सवाल गहलोत, माकन और वेणुगोपाल को परेशान कर रहा है।

इस बीच मुश्किल की एक बड़ी वजह बीएसपी से आए 6 और 13 निर्दलीय भी हैं। मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल हुआ, तो इन्हें भी जगह देनी होगी यानी जगह हैं महज 9 और करीब 48 दावेदार नजर टिकाए खड़े है। सीधे हिसाब से भी ये आंकड़ा एक-दूसरे में फिट नहीं बैठ रहा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि अब गहलोत, माकन और वेणुगोपाल का अंतिम फैसला क्या होता है।

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