राहुल गांधी ने धारा 144 के बीच लखीमपुर खीरी जाने का किया ऐलान, यूपी सरकार ने नही दी इजाजत

राहुल गांधी ने बुधवार को नरेन्द्र मोदी के ऊपर तीखा प्रहार करते हुए ऐलान किया है की वह खुद नेताओं के साथ लखीमपुर खीरी जाएंगे। बता दें कि यूपी सरकार की तरफ से राहुल गांधी को लखीमपुर खीरी जाने की इजाजत नहीं दी गई है। इसके साथ ही राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लखीमपुर खीरी घटना की एक वीडियो शेयर कर कहा की,

“एक मंत्री का बेटा अगर अपनी गाड़ी के नीचे सत्याग्रही किसानों को कुचल दे, तो देश का संविधान ख़तरे में है। अगर वीडियो के सामने आने के बाद भी उसे हिरासत में ना लिया जाए तो देश का संविधान ख़तरे में है। अगर एक महिला नेता को 30 घंटे तक बिना प्राथमिकी के हिरासत में रखा जाए तो देश का संविधान ख़तरे में है।”

उन्होंने यह दावा किया की, अगर कत्ल हुए पीड़ितों के परिवार से किसी को ना मिलने दिया जाए तो देश का संविधान ख़तरे में है। अगर ये वीडियो किसी को दुखी नहीं करता तो मानवता भी ख़तरे में है। बता दें इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लखीमपुर खीरी की हिंसा और प्रियंका गांधी वाड्रा को गिरफ्तार किए जाने को लेकर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था।

कि किसानों को गाड़ी से कुचलने वाले केंद्रीय मंत्री के पुत्र को हिरासत में नहीं लिए जाने का मतलब यह है कि देश का संविधान खतरे में है। उन्होंने जोर देकर यह भी कहा कि प्रियंका गांधी एक सच्ची कांग्रेसी हैं और डरने वाली नहीं हैं तथा उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। इसी कड़ी में मंगलवार सुबह सीतापुर में हाउस अरेस्ट प्रियंका गांधी ने ऐलान किया है कि पुलिस उन्हें जब भी छोड़ेगी वह किसानों से मिलने लखीमपुर जरूर जाएंगी।

प्रियंका ने हाउस अरेस्ट होने के दौरान अनशन भी शुरू कर दिया है और किसान परिवारो से मुलाकात होने तक अन्न ग्रहण नहीं करने का ऐलान किया है। वहीं सरकार और किसानों के बीच हुए समझौते पर प्रियंका ने कहा कि दबाव के चलते सरकार को मुआवजे की घोषणा करनी पड़ी। यदि हम लोग लखीमपुर के लिए न निकलते तो ऐसा नहीं होता।

उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को रोकने के लिए इतनी पुलिस लगाई है तो किसानों की सुरक्षा के लिए क्यों नहीं लगाई? किसान सड़क पर बैठा है, सरकार उन पर अत्याचार कर रही है। पुलिस-प्रशासन का रवैया यह दिखाता है कि ये किस हद तक जाएंगे। प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि हम सिर्फ पांच लोग एक गाड़ी पर थे।

लखीमपुर के बार्डर पर पहुंचे तो पुलिसवालों ने हमें रोक कर हाथापाई की और गाड़ी की चाबी निकाल ली। मैंने पूछा कि किस कानून के तहत मुझे रोका जा रहा है? मेरे सांसद दीपेन्द्र हुड्डा को धक्का दिया गया, मेरे बाकी साथियों को गाड़ी में ठूंसा गया। मेरे साथ भी यही किया गया।

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