पंजाब मुख्यमंत्री ने किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का किया ऐलान

पंजाब के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को ‘भारत बंद’ के मद्देनजर आज आपात बैठक की है जिसमे उन्होंने अपने मंत्रियों से मृतक किसानों के घरों का दौरा करने और उनके परिवारो के हर एक सदस्यों को सरकारी नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र देने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने मंत्रियों से एक सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र देने को कहा।

उन्होंने मुख्य सचिव को ऐसे अन्य शेष मामलों का शीघ्रता से सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा ताकि पात्र परिजनों को नौकरी देने की प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। इस दौरान सीएम चन्नी ने केंद्र के कृषि कानूनों को ‘किसान विरोधी’ करार दिया है। उन्होंने कृषि कानूनों को किसानों और उनकी आने वाली पीढ़ियों के निर्वाह के लिए एक शक्तिशाली खतरा माना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “राज्य के किसानों ने काले कानूनों को रद्द करने की मांग की है।

इसके समर्थन में राज्य विधानसभा द्वारा लाए गए पिछले प्रस्ताव को भारत सरकार द्वारा बिना किसी देरी के स्वीकार किया जाना चाहिए।” बता दें, मंत्रिपरिषद ने किसानों और उनकी मांगों के साथ एकता और सहमति व्यक्त करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आगे कहा कि “जब भारत सरकार ने उन पर (किसानों पर) किसान विरोधी कानून लागू किया था, कांग्रेस उनकी मांग के समर्थन में पहले दिन से ही खड़ी है।”

पंजाब सीएम ने अपने मंत्रिपरिषद से मृतक किसानों के घर जाकर उनके परिजनों को सरकारी नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया है। सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि “इस तरह के कुल 155 नियुक्ति पत्र पीड़ित परिवारों को उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने अपनी परिषद से एक सप्ताह के भीतर संबंधित परिवारों को पत्र देने को कहा है।

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