पीएम मोदी आज करेंगे आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की शुरुआत, जानिए इसकी खासियत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (Ayushman Bharat) की शुरुआत करेंगे। इससे पहले यह योजना कुछ राज्यों में चल रही थी। प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के पायलट प्रॉजेक्ट की घोषणा 15 अगस्त 2020 को लालकिले से की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के मुताबिक, कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार सुबह 11 बजे से होगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी अपना संबोधन भी देंगे।

करीब तीन साल पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लॉन्च की थी, जिसे आयुष्मान भारत के नाम से भी जाना जाता है। सरकार की नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) की वेबसाइट के मुताबिक, यह दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है। इसमें 10.74 करोड़ से ज्यादा गरीब परिवारों (करीब 50 करोड़ लाभार्थियों) को 5 लाख रुपये प्रति परिवार सालाना का हेल्थ कवर मिलता है। 

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की राष्ट्रव्यापी शुरूआत नेशनल हेल्थ ऑथोरिटी (NHA) द्वारा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) की तीसरी वर्षगांठ के साथ ही की जा रही है। यह मिशन नागरिकों की सहमति से देशांतरीय स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक पहुंच और आदान-प्रदान को सक्षम बनाएगा। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया भी मौजूद रहेंगे।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की खासियत…

1. जन धन, आधार और मोबाइल के साथ डिजिटल क्षेत्र में सरकार की दूसरी पहल ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को संभव बनाया। इसके तहत एक ऑनलाइन प्लैटफॉर्म बनाया गया है। जिससे डेटा, सूचनाएं हासिल की जा सकेंगी। इसमें इंटर-ऑपरेबिलिटी की सुविधा मिलेगी।.

इसके साथ ही, किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य से जुड़ी सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखी जाएगी और उन्हें सुरक्षित भी रखा जाएगा। इस योजना का कमाल यह है कि किसी भी नागरिक के हेल्थ रेकॉर्ड्स को पलक झपकते हासिल किया जा सकते है, बेशक इसके लिए पहले उसकी अनुमति लेनी होगी।

2. इस योजना के तहत हर नागरिक को एक हेल्थ आईडी दी जाएगी, जो उनके हेल्थ एकाउंट का भी काम करेगी। इससे पर्सनल हेल्थ रेकॉर्ड्स को लिंक किया जा सकता है और उन्हें मोबाइल ऐप की मदद से कभी भी देखा जा सकता है।

3. एक हेल्थकेयर प्रफेशनल्स रजिस्ट्री यानी एचपीआर और हेल्थकेयर फैसिलिटी रजिस्ट्रीज यानी एचएफआर भी बनाई गई है। यहां से स्वास्थकर्मी डेटा हासिल कर सकेंगे। इससे डॉक्टरों, अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाएं देने वालों को सहूलियत होगी।

4. इस मिशन के तहत आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन सैंडबॉक्स भी बनाया गया है। यह टेक्नलॉजी और प्रोडक्ट की जांच के लिए फ्रेमवर्क का काम करेगा। इससे निजी संस्थाओं के साथ उन संगठनों को मदद मिलेगी, जो नेशनल डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम से जुड़ना चाहते हैं। इससे जुड़ने के बाद वे स्वास्थ्य सूचनाएं देने वाले बन सकते हैं।

5. जिस तरह से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस ने पेमेंट्स की दुनिया में बड़ा मुकाम हासिल किया, कुछ वैसी ही उम्मीद आयुष्मान डिजिटल हेल्थ मिशन से भी की जा रही है। सरकार का दावा है कि इस मिशन से नागरिक सिर्फ एक क्लिक के जरिये स्वास्थ्य सेवाएं हासिल कर पाएंगे।

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