पीएम मोदी ने किया 82वें पीठासीन सम्मेलन का उद्घाटन, कही ‘वन नेशन वन लेजिस्लेटिव प्लेटफार्म’ की बात

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार से शुरू विधानसभा व विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, हमें आने वाले वर्षों में, देश को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाना है, असाधारण लक्ष्य हासिल करने हैं। ये संकल्प सबके प्रयास से ही पूरे होंगे और लोकतंत्र में, भारत की संघीय व्यवस्था में जब हम सबका प्रयास की बात करते हैं तो सभी राज्यों की भूमिका उसका बड़ा आधार होती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के लिए लोकतन्त्र सिर्फ एक व्यवस्था नहीं है। लोकतंत्र तो भारत का स्वभाव है, भारत की सहज प्रकृति है। उन्होंने कहा कि ये सम्मेलन हर साल कुछ नए विमर्शों और नए संकल्पों के साथ होती है। हर साल इस मंथन से कुछ न कुछ अमृत निकलता है। आज इस परंपरा को 100 साल हो रहे हैं, ये भारत के लोकतांत्रिक विस्तार का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, मेरा एक विचार ‘वन नेशन वन लेजिस्लेटिव प्लेटफार्म’ का है। यह एक ऐसा पोर्टल जो न केवल हमारी संसदीय व्यवस्था को जरूरी तकनीकी बढ़ावा दे, बल्कि देश की सभी लोकतांत्रिक इकाइयों को जोड़ने का भी काम करे। उन्होंने कहा, हमारे सदन की परम्पराएं और व्यवस्थाएं स्वभाव से भारतीय हो। ये हम सबकी जिम्मेदारी है।

बता दें कि पीठासीन अधिकारियों का यह सम्मेलन हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में 17 नवंबर और 18 नवंबर दो दिन चलेगा। इस दौरान संसद व विधानमंडलों में सदन कैसे सुचारु रूप से चलें, जनहित का किस तरह से ध्यान रखा जाए और सरकारों की जवाबदेही कैसे तय की जाए, इन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का यह 82वां संस्करण है। इस सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। 

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