पीएम मोदी ने की नेशनल हाइड्रोजन मिशन की घोषणा, अब पानी को भी फ्यूल के रूप में कर सकते है इस्तेमाल

75 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी उपलब्धियों के साथ साथ अपने आने वाली नई योजनाओं की भी जानकारी दी। इस दौरान पीएम मोदी ने नेशनल हाइड्रोजन मिशन की घोषणा की, जिसके जरिए ग्रीन हाइड्रोजन में भारत को ग्लोबल हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बता दें इससे पहले भी पीएम मोदी इसका जिक्र केंद्रीय बजट 2021 में कर चुके हैं और उन्होंने कहा था कि फ्यूचर फ्यूल ग्रीन एनर्जी, हमारी एनर्जी में आत्मनिर्भरता के लिए बहुत जरूरी है।

बताया जा रहा है कि हाईटेक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से हाइड्रोजन को कंप्रेस्ड नेचुरल गैस में मिलाया जाएगा और उसका इस्तेमाल परिवहन ईंधन के रूप में तथा तेल शोधन से जुड़ी औद्योगिकी इकाइयों में किया जाएगा। हाइड्रोजन से बने इस फ्यूल को पैदा करने का मुख्य उद्देश्य जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाने और प्रदूषण में कमी लाने पर है। 

बता दें हाइड्रोजन का इस्तेमाल परिवहन क्षेत्र तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। इसकी डीकार्बोनाइजिंग एजेंट के रूप में इस्तेमाल से जो इकोसिस्टम विकसित होगा वह रसायन उद्योग से लेकर इस्पात, लौह, उर्वरक और परिशोधन, परिवहन, ऊष्मा तथा ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए उपयोगी होगा।

गौरतलब हो की भारत में फिलहाल हाइड्रोजन गैस बनाने के लिए दो तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है। पहला, पानी का इलेक्ट्रोलिसिस करके हाइड्रोजन को अलग किया जाता है। इसमें पानी ही मुख्य स्रोत है। दूसरा, प्राकृतिक गैस को तोड़ा जाता है जिससे हाईड्रोजन और कार्बन अलग हो जाता है। ऐसे में पानी को भी फ्यूल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

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