राज कुंद्रा की गिरफ्तारी को अवैध बताने वाली याचिका खारिज, कोर्ट ने जमानत देने से किया इंकार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शनिवार को राज कुंद्रा के ओर से उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमे उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को गलत अवैध बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की मांग की थी। दरअसल राज कुंद्रा के वकील के अनुसार यह गिरफ्तारी बिना बताए कानूनी तौर पर अवैध रूप से की गई है। बता दें की पुलिस ने 19 जुलाई को राज कुंद्रा, रेयान थॉर्प समेत 11 लोगों को इस केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। अदालत ने राज और रेयान को 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा है।

हाईकोर्ट ने राज कुंद्रा की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा की, मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश में कुछ भी गलत नहीं है। जिसके तहत 20 जुलाई को राज कुंद्रा को पुलिस हिरासत में भेज दिया था। मालूम हो की कुंद्रा के खिलाफ पुलिस ने IPC की धारा 292, 293 और सूचना प्रद्योगिकी कानून की धारा 67, 67A और महिलाओं को अभद्र तरीके से पेश करने के खिलाफ कानून के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। 

कुंद्रा और रयान थॉर्प ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के रिमांड ऑर्डर को भी चुनौती दी थी और तत्काल रिहाई की मांग की थी। राजकुंद्रा ने अपनी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया था। उनका कहना था कि इसमें CrPC की धारा 41A का पालन नहीं किया गया। याचिका में दावा किया गया कि इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तारी से पहले धारा 41A के तहत नोटिस जारी नहीं किया। यह सुप्रीम कोर्ट की ओर से अर्नेश कुमार मामले में जारी किए गए दिशा-निर्देशों के तहत जरूरी है।

याचिका में कहा गया था कि जिन धाराओं के तहत कुंद्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनमें अधिकतम सात साल की सजा का प्रावधान किया गया है। ऐसे में कानूनी प्रावधानों का पालन किए बिना कुंद्रा को गिरफ्तार करना पूरी तरह से अवैध है। कुंद्रा को पुलिस ने 19 जुलाई 2021 को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा कोरोना के चलते जेल की स्थिति के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी निर्देशों का पालन नहीं किया गया है। इसलिए कुंद्रा को हिरासत में भेजने के आदेश को रद्द करते हुए उन्हें रिहा किया जाए।

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