सेहत के लिए किसी संजीवनी से कम नही पपीता, जानिए स्वास्थय से जुड़े इसके अद्भुत फायदे

पपीता एक ऐसा फल है जो हर किसी का पसंदीदा होता है। इस में विटामिन ‘ए’ अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है। आम के बाद सबसे अधिक विटामिन ‘ए’ पपीते में ही होता है।  पपीता खाने से धातु संबंधी विकार एवं वीर्य की कमी दूर होती है। यह पाचन शक्ति को सुधारता है तथा पेट के विकारों को दूर करता है। कच्चा पपीता खाने से कफ-वात की वृद्धि होती है, लेकिन यह अजीर्ण, यकृत विकार, बवासीर आदि रोगों के लिए गुणकारी होता है।

यह पेट के लिए भी अत्यंत लाभ दायक है यह खाना पचाने मे भी मदद करता है। आयुर्वेद में इसे दांत और गले के दर्द के साथ-साथ दस्त, जीभ के घाव, दाद, सूजन जैसे अनेक बीमारियों के लिए औषधि के रुप मे इस्तेमाल किया जाता है। पपीते की तासीर बहुत गर्म होती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान पपीते का सेवन हानिकारक होता है। 

पपीते में मौजूद पोषक तत्व

पपीता स्वास्थ के लिए बेहद लाभदायक होता है इसमें पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। 100 ग्राम पपीते मे 1 से 2 ग्राम प्रोटीन, 98 केलोरी, 70 mg आइरन, तथा रेशे भी भरपूर मात्रा मे होते है।

पपीते के सेवन से होने वाले अद्भुत फायदे:-

1.) दांत दर्द: अगर दांत दर्द से परेशान हैं तो पपीते का इस तरह से सेवन करने पर जल्दी आराम मिलता है। पपीते से प्राप्त दूध को रूई में लपेटकर लगाने से दांत का दर्द कम होता है।

2.) लकवा: लकवा होने पर जो परेशानियां होती है उससे राहत दिलाने में पपीता काम करता है। पपीता के बीजों से तेल बनाकर, छानकर मालिश करने से लकवा में लाभ होता है।

3.) कोलेस्ट्रॉल: पपीता विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भी भरपूर होता है। इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है, जिसके चलते यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में काफी असरदार है।

4.) सूजन: अगर किसी चोट के कारण या बीमारी के वजह से किसी अंग में हुए सूजन से परेशान है तो पपीता के द्वारा किया गया घरेलू इलाज बहुत ही फायदेमंद होता है। पपीता के फल मज्जा को पीसकर लगाने से सूजन कम होती है।

5.) पीरियड्स के दौरान फायदेमंद: पीडियड्स के दौरान जिन महिलाओं को दर्द की शिकायत होती है, उन्हें पपीते का सेवन करना चाहिए। इससे जहां पीरियड साइकिल नियमित रहता है, पीडियड के दौरान होने वाले दर्द में आराम भी मिलता है।

6.) त्वचा रोग: आजकल के तरह-तरह के नए-नए कॉज़्मेटिक प्रोडक्ट के दुनिया में त्वचा रोग होने का खतरा भी दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। पपीता के द्वारा बनाये गए घरेलू उपाय चर्म या त्वचा रोगों से निजात दिलाने में मदद करते हैं।

7.) कमजोरी: अगर लंबे बीमारी के कारण या पौष्टिकता की कमी के वजह से कमजोरी महसूस हो रही है तो पपीता का इस तरह से सेवन करने पर लाभ मिलता है। पपीता के कच्चे फलों का साग बनाकर सेवन करने से अग्निमांद्य तथा कमजोरी में लाभ होता है।

8.) कंठरोग: कई बार ठंड लगने के कारण गले में दर्द या सूजन हो जाती है लेकिन पपीता से बनाये गए घरेलू उपाय का प्रयोग करने से जल्दी आराम मिलता है। पपीता से प्राप्त आक्षीर या दूध को जल में मिलाकर गरारा करने से गले के रोगों में लाभ होता है।

9.) बवासीर: आजकल के असंतुलित खान-पान के वजह से बवासीर की समस्या बढ़ने लगी है। इसके दर्द से राहत पाने में पपीता बहुत फायदेमंद साबित होता है। पपीता के कच्चे फलों से प्राप्त आक्षीर या दूध को अर्श के मस्सों पर लगाने से बवासीर में लाभ होता है। इसका प्रयोग चिकित्सकीय परामर्शानुसार करना चाहिए।

10.) मुंह मे छाले: कई बार किसी दवाई के एलर्जी के कारण, किसी बीमारी के साइड इफेक्ट के वजह से या शरीर में किसी विटामिन की कमी से मुँह में छाले या घाव होने लगते हैं। इस परेशानी से राहत पाने के लिए पपीते का इस्तेमाल ऐसे करने पर आराम मिलता है। पपीते के दूध या आक्षीर को जीभ पर लगाने से जीभ पर होने वाला घाव जल्दी भर जाते हैं।

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