ओवैसी ने राजनाथ सिंह पर साधा निशाना, कहा- एक दिन ये लोग महात्मा गांधी को हटा कर सावरकर को देश का राष्ट्रपिता बना देंगे

असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा की इन लोगो का बस चले तो ये लोग महात्मा गांधी को हटा कर सावरकर को देश का राष्ट्रपिता बना दें। बता दें बीते दिन पहले राजनाथ सिंह ने 1910 के दशक में अंडमान में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सावरकर की दया याचिकाओं के बारे में विवाद का उल्लेख करते हुए कहा था कि यह एक कैदी का अधिकार था और उन्होंने महात्मा गांधी के कहने पर ऐसा किया। 

इस पर ओवैसी ने कटाक्ष करते हुए कहा की महात्मा गांधी के कहने पर सावरकर ने अंग्रेजी सरकार के सामने मर्सी पेटिशन फाइल की थी। ओवैसी ने राजनाथ सिंह के बयान पर हमला करते हुए कहा कि, राजनाथ सिंह विकृत इतिहास पेश कर रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा, तो वे महात्मा गांधी को हटा देंगे और सावरकर को राष्ट्रपिता बना देंगे, जिन पर महात्मा गांधी की हत्या का आरोप था और जिन्हें जस्टिस जीवन लाल कपूर की जांच में ‘हत्या में शामिल’ करार दिया गया था।

बता दें की राजनाथ सिंह ने कहा था की , “सावरकर के खिलाफ झूठ फैलाया गया। बार-बार यह बात कही गई कि उन्होंने अंग्रेजी सरकार के सामने अनेकों मर्सी पिटिशन फाइल की। मगर सच्चाई है कि मर्सी पिटिशन उन्होंने अपने को रिहा किए जाने को लेकर नहीं फाइल की थी। सामान्यता एक कैदी को पूरा अधिकार होता है कि अगर वह मर्सी पिटिशन फाइल करना चाहे तो वह कर सकता है। महात्मा गांधी ने उन्हें कहा था कि आप मर्सी पिटिशन फाइल कीजिए।”

राजनाथ सिंह ने बताया था की, ” महात्मा गांधी के कहने पर उन्होंने मर्सी पिटिशन फाइल की थी और महात्मा गांधी ने अपनी ओर से अपील की थी। उन्होंने कहा था कि अगर सावरकर जी को रिहा किया जाना चाहिए, जैसे हम शांतिपूर्ण तरीके से आजादी हासिल करने के लिए आंदोलन चला रहे हैं, वैसे ही सावरकर जी भी करेंगे। यह बात महात्मा गांधी जी ने कही थी।

मगर उन्हें बदनाम करने के लिए इस प्रकार की कोशिश की जाती है कि उन्होंने मर्सी पिटिशन फाइल की थी, उन्होंने क्षमा याचिा मांगी थी, उन्होंने रिहाई की बात की थी, ये सब बाते गलत और बेबुनियाद है।” कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सावरकर को शेर बताते हुए कहा था कि जब तक शेर अपनी कहानी खुद नहीं कहता, तब तक शिकारी महान बना रहता है।

उन्होंने कहा कि देश सावरकर के महान व्यक्तित्व व देश भक्ति से लंबे समय तक अपरचित रहा। उन्होंने हेय दृष्टि से देखना न्याय संगत नहीं है। उन्हें किसी भी विचारधारा के चश्मे से देख कर उनको अपमानित करने वालों को माफ नहीं किया जा सकता है। सावरकर महानायक थे, हैं और रहेंगे। बता दें की राजनाथ सिंह ने ये बातें उदय माहूरकर और चिरायु पंडित द्वारा लिखित पुस्तक वीर सावरकर- द मैन हू कैन्ड प्रिवेंटेड पार्टिशन के विमोचन के दौरान कही थी।

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