विपक्षी पार्टियों ने कश्मीर घाटी सहित जम्मू और कश्मीर में स्टार्ट-अप को जानबूझकर किया हतोत्साहित: डॉ. जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली, 06 नवम्बर (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय): केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्षी पार्टियों पर कश्मीर घाटी सहित जम्मू और कश्मीर में स्टार्ट-अप को जानबूझकर हतोत्साहित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम यह हुआ कि उद्यमशीलता और स्व-आजीविका के लिए इस क्षेत्र की अपार संभावनाएं बेरोज़गार बनी रहीं। 

वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसकेयूएएसटी) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कृषि स्टार्ट-अप और किसानों को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहली बार है जब पिछले कुछ वर्षों में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस क्षेत्र में युवा स्टार्ट-अप हेतु कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ठोस और प्रौद्योगिकी पर आधारित प्रयास किए गए हैं। 

उन्होंने कहा कि युवाओं और उनके माता-पिता के बीच एक सतत जागरूकता अभियान शुरू करने की आवश्यकता है ताकि उन्हें यह बताया जा सके कि स्व -आजीविका और नए स्टार्ट-अप के इन विकल्पों के माध्यम से भी बहुत अधिक आकर्षक उपलब्धियां होती हैं और इसलिए केवल सरकारी वेतनभोगी नौकरियों के पीछे भागने में अपना समय और ऊर्जा नष्ट नहीं की जानी चाहिए।

डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि आज का किसान वास्तव में अपने आप एक ऐसा कृषि प्रौद्योगिकीविद ( टेक्नोक्रेट ) या एक कृषि स्टार्ट-अप है , जिसके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि क्षेत्र में शुरू की गई नई तकनीक और प्रावधानों का उपयोग करके अच्छा मुनाफा कमाने का विकल्प है । 

उन्होंने कहा कि भारत सरकार वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद ( सीएसआईआर ) के माध्यम से खेती के नए तरीकों, कई प्रकार की एकीकृत खेती और मिश्रित ( हाइब्रिड ) खेती के लिए सभी प्रासंगिक वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है जिसमें प्रधान मंत्री की परिकल्पना के अनुसार वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने की क्षमता है ।  

इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कश्मीर घाटी के सभी दस जिलों के किसानों को खेती के किट का भी वितरण किया। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद( सीएसआईआर ) और शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ( एसकेयूएएसटी ) के बीच सहयोग के एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए ।

इस मौके पर वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद ( सीएसआईआर ) के महानिदेशक डॉ शेखर मांडे, शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसकेयूएएसटी) के कुलपति प्रोफेसर जे पी शर्मा और भारतीय समवेत औषध संस्थान ( आईआईआईएम ) के निदेशक डॉ. रेड्डी भी सम्मिलित हुए । 

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