दिशा रवि की गिरफ्तारी पर विपक्ष आगबबूला

ट्रेक्टर रैली के नाम पर राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौक पर हुए हिंसा और उपद्रव का खालिस्तानी कनेक्शन सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है.

जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए है. दिशा रवि के अलावा मुंबई हाईकोर्ट के अधिवक्ता निकिता जैकब और इंजीनियर शांतनु ने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर टूल किट बनाई थी. टूल किट का ये पूरा खेल अब सामने आने लगा है.

खालिस्तान मूवमेंट को सपोर्ट करने वाले संगठन पोइटिक जस्टिस फाउंडेशन द्वारा जूम मीटिंग का 11 जनवरी को आयोजन किया गया था जिसमें दिशा रवि और निकिता जैकब और इंजीनियर शांतनु ने हिस्सा लिया था.

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पुलिस का कहना  कि इस मीटिंग में ही 26 जनवरी को हुए दिल्ली हिंसा और उपद्रव की पटकथा लिखी गई. अब जब दिशा की गिरफ्तारी हुई हैं तो विपक्ष आगबबूला हो गया है.

विपक्ष कह रहा है कि सरकार लोकतंत्र को दबा रही है. सरकार की नीतियों का विरोध करने वालों को डरा रही है. पर क्या ये ज्यादा सही नहीं होता कि विपक्ष को इस मामले में सरकार पर हमला बोलने से पहले जांच पूरी हो जाने का इंतजार कर लेता.

आंदोलन के नाम पर देश की छवि दुनिया में खराब करने वालों को अब पुलिस ढूंढ – ढूंढ कर निकाल रही है. निकालना भी चाहिए क्योकि आंदोलन के नाम पर देश की छवि बिगाड़ने की कोशिश करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती. हम सभी के लिए देश सर्वोपरी है. हम अपना अपमान सह सकते है लेकिन देश का नहीं.

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