आजमगढ़ में किस करवट बैठेगा ऊंट ?

उत्तर प्रदेश में दूसरी बार मजबूती के साथ भाजपा की सरकार लौटी है। वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी को यूपी की सत्ता में आने के लिए अभी 5 साल का इंतजार करना ही पड़ेगा। इसी बीच आजमगढ़ लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर गहमागहमी भी बढ़ गई है।

दरअसल, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा आजमगढ़ लोकसभा सीट से इस्तीफा देने के बाद यहां उपचुनाव होना तय हो गया है। भारतीय जनता पार्टी भी आजमगढ़ लोक सभा सीट पर होने वाले उपचुनाव की तैयारियों में इन दिनों लग गई है। इस सीट पर भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल निरहुआ ने भाजपा के उम्मीदवार के लिए प्रचार किया था और जैसा कि एक बार फिर से सीट पर उपचनाव की गहमागहमी बढ़ गई है  तो इसी बीच एक बार फिर से निरहुआ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधा है।

निरहुआ ने कहा कि हमने 2019 में चुनाव के समय कहा था कि  अखिलेश यादव कहते हैं कि आजमगढ़ और इटावा उनका घर है लेकिन वह अपने निजी स्वार्थ के लिए कभी भी आजमगढ़ छोड़ सकते हैं और देखिए ऐसा ही हुआ है। 

आजमगढ़ के दौरे पर पहुंचे भोजपुरी स्टार दिनेश लाल निरहुआ यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि, हम लगातार आजम के दौरे पर हैं यहां से जुड़ी समस्याओं को जिला अधिकारी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अवगत कराते हैं। निरहुआ ने कहा कि अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह और चाचा शिवपाल की वजह से मुख्यमंत्री बन गए लेकिन अभी उनके दिमाग से मुख्यमंत्री पद उतरा नहीं है।

साफ है कि आजमगढ़ लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी की परंपरागत सीट रही आजमगढ़ फिर से एक बार चुनाव होने हैं जिसको लेकर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच बयानबाजी का दौर चल पड़ा है।

आजमगढ़ सीट पर जहां समाजवादी पार्टी की पकड़ है तो वहीं इस बार एमएलसी चुनाव में भाजपा ने यहां से जीत हासिल की है। एमएलसी चुनाव में भाजपा की जीत इस बात का इशारा जरूर करती है कि भारतीय जनता पार्टी ने यहां जो मेहनत की थी और रंग लाई है। ऐसे में ये कहना थोड़ा कठिन है की आजमगढ़ लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में ऊंट किस करवट बैठेगा।

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