नितिन गडकरी ने नेताओ को दी नसीहत, कहा- जो राज्य के काम का नहीं उसे दिल्ली भेजो और जो दिल्ली में काम के नही उन्हे…

अक्सर अपने बयान को लेकर सुर्खियो मे बने रहने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर विवादित बयान देकर सियासत में हलचल पैदा कर दी है। सोमवार को राजस्थान विधानसभा में ‘संसदीय प्रणाली और जन अपेक्षाएं’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने राजनीतिक दलों में नेताओं के हाल पर बड़ा बयान दिया है। दरअसल, नितिन गडकरी ने मजाकिया अंदाज में कहा था की, उनके मंत्री इसलिए दुखी थे क्योंकि उन्हें अच्छा डिपार्टमेंट नहीं मिला।

हालांकि उन्होंने यह मजाकिया अंदाज में कहा हो, लेकिन अब केंद्रीय मंत्री के इस बयान की खूब चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर उनका पूरा वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है। खास बात ये है कि नितिन गडकरी का ये बयान तब आया है, जब बीते दिन ही गुजरात (Gujarat) में भूपेंद्र पटेल मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे। बीजेपी ने विजय रुपाणी को मुख्यमंत्री पद से हटाया है और भूपेंद्र पटेल को उनकी जगह लाया गया है।

वीडियो में नितिन गडकरी कहते हुए नजर आ रहे हैं की आजकल हर किसी की समस्या है, हर कोई दुखी है। विधायक इसलिए दुखी हैं, क्योंकि वो मंत्री नहीं बन पाए। मंत्री इसलिए दुखी हैं, क्योंकि उन्हें अच्छा विभाग नहीं मिला। अच्छे विभाग वाले इसलिए दुखी हैं, क्योंकि वो मुख्यमंत्री नहीं बन पाए। जो मुख्यमंत्री बन पाए वो इसलिए दुखी हैं, क्योंकि कब रहेंगे और कब जाएंगे, इसका भरोसा नहीं है।

इस दौरान बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गड़करी ने क्रिकेट का किस्सा भी सुनाया और कहा, एक बार मैंने सचिन तेंडुलकर से कहा कि आओ, मेरे पास खड़े हो जाओ। मैंने देखा कि सचिन मेरे से कंधे तक ही हैं। मैंने कहा कि आप इतने छक्के मारते हो पर हाथ में तो ताकत ही नहीं है। सचिन ने कहा, नितिन जी क्रिकेट स्किल का गेम है। मैंने सुनील गावस्कर को भी देखा है कि उनकी हाइट तो जोशीजी से भी कम ही है।

गडकरी ने आगे कहा कि ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के 6-6 फुट के बोलर जो दूर से दौड़कर आते थे और सुनील छक्का मारते थे। मैंने उनसे भी पूछा तो उन्होंने कहा कि नितिन, यह गेम स्किल का है…. गडकरी ने आगे कहा कि राजनीति भी एक स्किल है। इस पर सभी नेता अपनी मेज थपथपाते हुए हंस पड़े। गडकरी ने हंसते हुए कहा कि समस्याएं सबके सामने है।

पार्टी में समस्या है, पार्टी के बाहर समस्या है। चुनाव क्षेत्र में समस्या है, परिवार में समस्या है, आजू-बाजू में समस्या है…किसी को आगे ले जाओ तो वह कहता है कि इसे हटा दो, उसे टिकट दे दो। समस्या किसके सामने नहीं है? गडकरी ने आगे कहा कि भोपाल के प्रसिद्ध लेखक हुए हैं शरद जोशी। उन्होंने एक सुंदर कविता की थी। जो राज्य में काम के नहीं थे, उनको दिल्ली भेजा, जो दिल्ली में काम के नहीं थे, उन्हें गवर्नर बना दिया, जो गवर्नर नहीं बन पाए उनको ऐंबेसडर बना दिया, जिसके बाद सभा में ठहाके गूंजने लगे।

मुस्कुराते हुए गडकरी ने कहा कि सभी पार्टियों में यह चलता ही है। उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि जब मैं बीजेपी का प्रेसिडेंट था, तो कोई आदमी ऐसा मिला नहीं जो दुखी न हो। इस पर सभी हंसने लगे। मैंने कहा कि दुख और समाधान मानने पर होता है। मैं बहुत सुखी हूं। उन्होंने आगे कहा, मैं अपने हिसाब से काम करते रहता हूं। कभी खुद शेफ का काम करता हूं, कभी सोशल वर्क करता हूं। मुझसे एक बार एक पत्रकार ने पूछा कि आप बहुत खुश हो, आपको कोई दुख या दर्द नहीं है।

मैंने उससे कहा कि जो भविष्य की चिंता करता है वह दुखी होता है। जो मिला, अपनी औकात और हैसियत से मुझे बहुत ज्यादा मिला है, उसके ऊपर खुशी जताना है। उन्होंने आगे कहा कि आप जिस पर हो, उस पर खुश रहो और वनडे की तरह खेलते रहो। गडकरी ने कहा कि मेरा आपसे यही कहना है कि जीवन में बहुत संघर्ष है।

राजनीति में तनाव, सीमाएं, विवाद सब हैं पर इन सब समस्याओं को मात देकर यशस्वी लीडर होना यही तो आपकी परीक्षा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि कुछ महीनों के भीतर भाजपा आलाकमान ने 4 मुख्यमंत्रियों को बदला है। सोमवार को ही विजय रूपाणी की जगह भूपेंद्र पटेल ने गुजरात के सीएम पद की शपथ ली।

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