एनसीपी नेता ने बीजेपी पर कसा तंज, कहा अगर शाहरुख खान बीजेपी में शामिल हो जाएं तो ड्रग्स चीनी का पाउडर बन जाएगा

बॉलीवुड बादशाह शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी ने बॉलीवुड इंडस्ट्री के साथ साथ राजनैतिक गलियारों में भी हड़कंप मचा कर रख दिया है। असदुद्दीन ओवैसी और नवाब मलिक के बाद अब उद्धव सरकार के मंत्री छगन भुजबल ने भी आर्यन केस को लेकर बीजेपी पर हमला बोल दिया है। उन्होंने बीजेपी के दोहरे रवैये पर तंज कसते हुए कहा कि, “अगर बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान बीजेपी में शामिल हो जाएंगे तो ड्रग्स को शक्कर का बूरा मान लिया जाएगा।”

एनसीपी नेता छगन भुजबल ने शनिवार को कहा कि गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर जब्त 3,000 किलोग्राम हेरोइन के मामले की जांच करने के बजाय, एनसीबी शाहरुख खान का पीछा कर रहा था। भुजबल ने राज्य के बीड जिले में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चुटकी लेते हुए कहा, “अगर बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान भगवा पार्टी में शामिल होते हैं तो ड्रग्स चीनी का पाउडर बन जाएगा।”

बता दें इससे पहले एनसीपी नेता नवाब मलिक ने एनसीबी की कार्यवाही पर सवाल खड़े करते हुए था की आर्यन का पूरा मामला फर्जी है। उन्होंने कहा की एनसीबी ने टारगेट करके क्रूज पर छापा मारा था और 1300 लोगों में से सिर्फ 11 लोगों को हिरासत में लिया था। इन्हें पकड़ने के बाद एनसीबी ऑफिस लाया गया और इसमें से आर्यन, अरबाज और मुनमुन समेत 8 को अपने पास रखते हुए बाकी आरोपियों को जाने दिया गया।

नवाब मलिक ने एनसीबी के जोनल हेड समीर वानखेड़े पर हमला करते हुए कहा कि वे केंद्र सरकार की एक कठपुतली हैं। वह लोगों को फर्जी मामलों में फंसाता है। उन्होंने वानखेड़े को धमकी देते हुए कहा था कि,” मैं वानखेड़े को चुनौती देता हूं कि वो एक साल के भीतर अपनी नौकरी से हाथ धो बैठेंगे। आपको जेल भेजने तक जनता चुप नहीं बैठने वाली। हमारे पास आपके हर फर्जी मामलों के सबूत है।” मलिक यहीं नहीं रुके। उन्होंने वानखेड़े से सवालिया लहजे में पूछा, “बताओ तुम्हारा बाप कौन है? जो दबाव बना रहा है।

नवाब मलिक किसी के बाप से नहीं डरने वाला।” उधर आर्यन केस पर बाबा रामदेव ने शनिवार को कहा कि नशे के विनाशकारी तंत्र को भारत की युवा पीढ़ी के लिए घातक कहा है। उन्होंने कहा कि जिन्हें लोग रोल मॉडल मानते हैं, वे लोग नशे के चक्कर में फंस रहे हैं। इससे लोगों को गलत प्रेरणा मिलती है। बाबा रामदेव ने कहा कि, “सारी इंडस्ट्री को मिल कर अपना कचरा साफ करना चाहिए, नहीं तो यह उनके लिए भी खतरनाक और आत्मघाती होगा।”

इससे पहले केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने भी इस मामले में कहा था, “राष्ट्रीय जांच एजेंसियों की ओर से राज्य में कार्रवाइयां होने के बावजूद शरद पवार के परिवार या किसी और को परेशान करने का कोई मकसद नहीं है। ये एजेंसियां पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। इनकी कार्रवाइयों में केंद्र सरकार के हस्तक्षेप का कोई सवाल ही नहीं उठता।”

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