एनएएल ने विकसित किया मल्टीकॉप्टर ड्रोन, मीलो दूर तक दवाओं, टीकों, भोजन, डाक पैकेट, मानव अंग आदि का वितरण करने में होगा सक्षम

नई दिल्ली, 15 नवंबर (विज्ञान एवम प्रौद्योगिकी मंत्रालय): भारत के संगठन नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज ने स्वदेशी और मध्यम श्रेणी का बीवीएलओएस मल्टी-कॉप्टर मानव रहित विमान-यूएवी विकसित किया है। इसे कार्बन फाइबर फोल्डेबल ढांचे से बनाया गया है और इसमें उन्नत उड़ान इंस्ट्रूमेंटेशन सिस्टम के साथ ही दो अतिरिक्त एमईएमएस आधारित डिजिटल ऑटोपायलट के जरिये स्वायत्त मार्गदर्शन जैसी अनूठी विशेषताएं भी समाहित हैं। 

एनएएल का ऑक्टाकॉप्टर 40 मिनट की लगातार उड़ान के साथ 15 किलोग्राम तक का भार अपने साथ ले जा सकता है। यह ड्रोन 500 मीटर एजीएल की परिचालन ऊंचाई पर अधिकतम 36 किलोमीटर प्रति घंटे की उड़ान गति से उड़ सकता है। भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सीएसआईआर-एनएएल को 13 नवंबर 2021 को बीवीएलओएस उड़ान परीक्षण करने की सशर्त अनुमति दी थी।

इसे कृषि कीटनाशक छिड़काव, फसल निगरानी, खनन सर्वेक्षण, चुंबकीय भू सर्वेक्षण मानचित्रण आदि जैसे बहु उपयोगी कार्यों के लिए शक्तिशाली ऑन बोर्ड एम्बेडेड कंप्यूटर तथा नवीनतम पीढ़ी के सेंसर के साथ एकीकृत किया गया है। एनएएल द्वारा विकसित ऑक्टाकॉप्टर का उपयोग दवाओं, टीकों, भोजन, डाक पैकेट, मानव अंग आदि का वितरण अंतिम मील तक करने के लिए विभिन्न प्रकार के बीवीएलओएस अनुप्रयोगों में भी किया जा सकता है।

जनरल हास्पिटल, अनेकल के डीएचओ डॉ. श्रीनिवास, टीएचओ डॉ. विनय और एएमओ डॉ. नलिनी ने ड्रोन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और इस सामाजिक कल्याणकारी कार्य के लिए सीएसआईआर-एनएएल की शानदार पहल की सराहना की तथा आने वाले दिनों में दूर-दराज के स्थानों में इस संयुक्त पहल को सहयोग जारी रखने का समर्थन दिया।

सीएसआईआर-एनएएल में यूएवी प्रमुख डॉ. पी वी सत्यनारायण मूर्ति ने अपनी टीम को बधाई देते हुए कहा है कि देश में टीकों की डिलीवरी के लिए ऑक्टाकॉप्टर आज के समय की आवश्यकता है ताकि दूरदराज के क्षेत्रों में टीकों की पहुंच अधिक दूरी तक बनाई जा सके। एनएएल ऑक्टाकॉप्टर पूरी तरह से ऐसे मिशन के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसे अकुशल ऑपरेटरों द्वारा भी संचालित करना आसान है। एनएएल पहले ही ड्रोन निर्माण और परिचालन सेवाओं की पेशकश के लिए निजी फर्मों के साथ करार कर चुका है।

सीएसआईआर-एनएएल के ऑक्टाकॉप्टर ने कर्नाटक सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ मिलकर दूरदराज़ के इलाकों में कोविड-19 के टीके की हवाई डिलीवरी भी की है। ऑक्टाकॉप्टर ने 13 नवंबर 2021 को चंदपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र-पीएचसी से हरगड्डे प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र-पीएचसी तक एक विशेष कंटेनर में सीरिंज के साथ-साथ कोविड-19 टीकों की 50 शीशियों को सफलतापूर्वक पहुंचाया है। 

इस ऑक्टाकॉप्टर ने चंदपुरा पीएचसी से कोविड- 19 के टीके लेकर सुबह 9.43 बजे उड़ान भरी और 9.53 बजे हरगड्डे पीएचसी पहुंचकर इसे वितरित किया। ऑक्टाकॉप्टर ने 300 मीटर एजीएल की ऊंचाई पर 10 मीटर/सेकंड की गति से उड़ान भरी और इसने लगभग 10 मिनट में करीब 7 किलोमीटर की हवाई दूरी तय की। हरगड्डे में टीकों की सफलतापूर्वक डिलीवरी के बाद ऑक्टाकॉप्टर वापस चंदपुरा पीएचसी लौट आया। पूरे मिशन के दौरान ड्रोन ने टीकों की डिलीवरी सहित 20 मिनट में लगभग 14 किलोमीटर की दूरी तय की। 

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