केरल के मंदिर के बाहर लगा मुस्लिम लीग का झंडा, हिंदू कार्यकर्ताओं ने रोकी फिल्म की शूटिंग तो किया गिरफ्तार

केरल. वलियायमकुन्नु भगवती मंदिर (Vayillyam Kunnu Bhagavathi Temple) के बाहर शूटिंग चल रही थी जिसमे एक हिंदू लड़की को दूसरे मजहब के व्यक्ति की ओर आकर्षित होना दिखाया जा रहा था जो लव जिहाद को बढ़ावा दे रहा था और मंदिर के बाहर जानबूझकर ऐसे आपत्तिजनक फिल्म के दृश्य की शूटिंग चल रही थी जिससे मौजूद आस पास की लोगो की हिम्मत जवाब दे गई और उन्होंने बीच में ही शूटिंग को रुकवा दिया मौके पर मौजूद हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने शुरू किया विरोध प्रदर्शन.

फिल्म का नाम ‘नियम नाड़ी’ (neeyam nadhi) है जिसके निर्देशक आशिक, शीनू और सलमान है.बताया जा रहा है की फिल्म निर्देशक ने शूटिंग के दौरान केरल के एक स्थानीय मंदिर के बाहर मुस्लिम लीग और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के हरे और लाल झंडे भी लगाए जिस पर हिंदू कार्यकर्ताओं ने आपत्ति दर्ज कर मुकदमा दायर किया.

हिंदुओं के प्रदर्शन के बाद पुलिस फिल्म बनाने वालों को दूसरी जगह लेकर चली गई. फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है.पूरे मामले में 5 हिन्दू कार्यकर्ता हुए गिरफ्तारकेरल में हुई इस घटना के बाद श्रीकृष्णपुरम पुलिस ने 5 हिंदू कार्यकर्ताओं गिरफ्तार किया जिनमें श्रीजीत, सच्चिदानंदन, सुब्रमण्यिन, बाबू और सबरीश शामिल हैं। 

सभी हिन्दू कार्यकर्ताओं को अवैध एकत्रीकरण और हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया गया, फिल्म के लेखक सलमान फारिस ने हिंदू संगठन द्वारा धमकाने और मारपीट का आरोप लगाया कहा, “पहला दृश्य एक लड़की केरल के वलियायमकुन्नु मंदिर से बाहर आने का था जो फिल्माया जा चुका था. जैसे ही हमारे क्रू मेंबर्स दूसरा दृश्य फिल्माने लगे तो कुछ स्थानीय लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया.

सलमान ने यह भी आरोप लगाया कि इस हंगामे में एक 13 वर्षीय नाबालिग भी घायल हुई है साथ ही कुर्सियों और कैमरों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिया गया है. शूट के दौरान एसएफआई और मुस्लिम लीग के झंडों के विषय में पूछने पर उसने कहा कि शूटिंग मंदिर के बाहर हो रही थी और इसे ‘वर्क ऑफ आर्ट’ के तौर पर स्वीकार करना चाहिए।

फारिस ने कहा कि उसे मंदिर प्रबंधन ने ही 3000 रुपए प्रतिदिन के किराए पर शूटिंग की मौखिक अनुमति दी थी।   मंदिर प्रबंधन द्वारा नहीं दी गई थी अनुमतिभाजपा के जिला अध्यक्ष ई कृष्णदास ने कहा की मंदिर प्रबंधन द्वारा नही दी गई थी कोई भी अनुमति और ना ही देवस्वोम बोर्ड ने दी थी किसी तरह की कोई अनुमति.

वहीं दूसरी तरफ वलियायमकुन्नु मंदिर के कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि उन्हें मंदिर में शूटिंग को लेकर कोई भी जानकारी नहीं है और ना ही उनसे किसी तरह की अनुमति ली गई है. मंदिर प्रशासन इस मुद्दे पर जल्द ही एक दायर करेगा. उन्होनें कहा कि इस फिल्म के दृश्य मंदिर के भक्तों की आस्था को आहत करते हैं और वो लगातार फिल्म ‘नियम नाड़ी’ के खिलाफ विरुद्ध प्रदर्शन करते रहेंगे।  

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