मोदी कैबिनेट ने भारत नेट परियोजना को दी हरी झंडी साथ ही तैयार किया 6,28,000 करोड़ का मदद खाका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अगुवाई में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad), प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javdekar) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया की, केंद्रीय कैबिनेट ने भारत नैट (BharatNet) के लिए 19 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

इसके तहत गांव-गांव में ब्रॉडबैंड सिस्टम को पहुंचाने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा की, इन्फार्मेशन हाईवे हर गांव तक पहुंचे इस दिशा में सरकार ने एतिहासिक फैसला लिया है। पिछले 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से PM ने घोषित किया था कि 1000 दिन में 6 लाख गांवों में भारत नेट के माध्यम से ऑप्टिकल फाइबर ब्रॉडबैंड लाएंगे।

इन राज्यों को मिलेगा फायदा
इस योजना के तहत चुने हुए 16 राज्य हैं-केरल, कर्नाटक, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश। योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों सहित करीब 3.61 लाख गांवों को कवर किया जाएगा।

रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा कि, आज इस दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय हुआ है। हम 1.56 लाख ग्राम पंचायतों में पहुंच चुके हैं। देश की 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ना था। आज भारत नेट को PPP के माध्यम से देश के 16 राज्यों में 29,432 करोड़ रुपये के कुल खर्च पर हमने मंजूरी दी है। जिसमें भारत सरकार की वायबिलिटी गैप फंडिंग 19,041 करोड़ रुपये होगी। ये हम देश के 3,61,000 गांवों में जो 16 राज्यों में हैं वहां PPP के माध्यम से ला रहे हैं। हमने इसे 16 राज्यों में 9 पैकेज बनाया है। किसी एक प्लेयर को 4 पैकेज से अधिक नहीं मिलेगा। 

क्या है भारत नेट परियोजना
भारत नेट परियोजना का उद्देश्य ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fiber) के माध्यम से भारतीय गांवों को उच्च गति ब्रॉडबैंड कनेक्शन से जोड़ना है। भारतनेट परियोजना विश्व की सबसे बड़ी ग्रामीण ब्रॉडबैंड संपर्क परियोजना है। परियोजना में राज्य और निजी क्षेत्रों के साथ साझेदारी करके ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में नागरिकों/लोगों को सस्ती ब्रॉडबैंड सेवाएं प्राप्त हो सकेगी। भारतनेट परियोजना में देश की समस्त 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को 2021 तक जोड़ा जाना है। इस परियोजना के पूरा हो जाने से देश के 6 लाख से ज्यादा गांव में रहने वाले परिवारों तक हाई स्पीड इंटरनेट पहुंच जाएगा। 

कैबिनेट ने लिए ये मुख्य फैसले

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 2 दिन पहले एक बड़ा निर्णय घोषित किया था कि जिनको कोविड के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने ऐसे सभी क्षेत्रों को 6,28,000 करोड़ रुपये की मदद का खाका बताया था। कैबिनेट ने आज उसे मजूरी दी है। इसके साथ ही विश्व भर में पौष्टिक खाद्य के दाम बढ़े है लेकिन भारत के किसान को बढ़ते दामों के बोझ से बचाने हेतु 14,000 करोड़ रुपए की सब्सिडी की घोषणा की गई है।

उन्होंने कहा- पिछले साल 8 महीने तक 80 करोड़ गरीबों को प्रति महीने 5 किलो के हिसाब से 40 किलो अनाज मुफ्त दिया था। सरकार ने अब फैसला किया है की 6 महीने तक 80 करोड़ गरीबों को अनाज मुफ्त मिलेगा। इसके लिए 93,000 करोड़ की मंजूरी दी है। बिजली की परिस्थिति में सुधार के लिए जिससे 24 घंटे बिजली मिले और इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आये, 97,000 करोड़ रुपये इसके लिए घोषित किये हैं।

उन्होंने कहा, मोदी सरकार जो बोलती है वो करती है और तुरंत करती है। एक ऐतिहासिक निर्णय में मोदी सरकार ने सभी ग्राम पंचायतों एवं रिहायशी गांवों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बढाने के लक्ष्य के साथ 19401 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं, इस योजना से 16 राज्यों के गांवों तक पहुंचेगा इंटरनेट। 

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