मिनाक्षी लेखी ने राशन डिलीवरी के मामले में दिल्ली सरकार पर कसा तंज कहा; ‘नाम केजरीवाल है और काम नटवरलाल की तरह कर रहें हैं’

केजरीवाल सरकार के घर-घर राशन डिलीवरी योजना पर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की सांसद मिनाक्षी लेखी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा कि ‘आपका नाम केजरीवाल है नटवरलाल नहीं, इसलिए केंद्र सरकार को लगातार खत लिखकर लोगों को अंधेरे में रखना बंद कीजिए। आप पांच साल से ज्यादा समय तक के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे। मुझे बताइए कि आपने यहां कितने राशन दुकानदारों का लाइसेंस रद्द किया है। कितने लोगों को आपने जेल भेजा है…कितनी एफआईआर हुई है…और क्या एक्शन आपने लिया है प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखने के सिवाए? अगर कुछ नहीं किया तो इसका मतलब साफ है कि आप के विधायक और आप खुद माफिया का हिस्सा हैं।’

मिनाक्षी लेखी ने आगे कहा कि ‘जहां तक डोर-टू-डोर राशन डिलीवरी की बात है तो आप यह बताइए कि आपने यह राशन कहां से खरीदा और इसके लिए बजट कहां से आया? किन परिवारों को आपने लाभुकों के तौर पर चुना है? अगर आप राशन स्कीम चलाना चाहते तो हम आपको स्वागत करते लेकिन सबसे पहले आप इसके लिए व्यवस्थाएं करें क्योंकि जो राशन दिल्ली को दिया गया है वो फूड सिक्यूरिटी एक्ट के तहत है।’

बता दें कि हाल फिलहाल मे आप नेता राघव चड्ढा ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि ‘भाजपा ने इस स्कीम को राजनीति के चलते रोका है। भाजपा के लोगों से निवेदन है कि गरीबों के लिए राशन होम डिलीवरी की योजना को न रोके। राजनैतिक तौर पर भाजपा के पेट में दर्द हो रहा है। भाजपा राशन होम डिलीवरी को देशभर में लागू करे।’

वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसको लेकर मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है। इसमें केजरीवाल ने कहा कि लोग ये पूछ रहे हैं कि अगर पिज्जा, बर्गर और स्मार्ट फोन की होम डिलीवरी हो सकती है तो फिर राशन की क्यों नहीं हो सकती।

सीएम केजरीवाल ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा, “ये कोरोना का कठिन समय है। कई लोग कोरोना के डर से राशन लेने नहीं जाते क्योंकि राशन की दुकान पर भीड़ लगती है। ये सब गरीब लोग हैं। कई लोगों ने कोरोना-काल में नौकरी भी खो दी है। उनके घर में खाने को नहीं है। अगर हम इन्हें इनके घर राशन पहुंचाना चाहते हैं तो इसमें आपत्ति क्यों है? मुझे लगता है कि कोरोना काल में केवल दिल्ली में ही नहीं बल्कि पूरे देश में घर-घर राशन पहुंचाने की ये योजना लागू करनी चाहिए।”

दिल्ली सीएम ने आगे लिखा कि, ” मैं हाथ जोड़कर दिल्ली के 70 लाख गरीबों की ओर से आपसे विनती करता हूं कि इस योजना को मत रोकिए, ये राष्ट्रहित में है, इसे होने दीजिए। आज तक राष्ट्रहित के सभी कामों में मैंने आपका साथ दिया। मैंने हमेशा कहा है कि राष्ट्रहित के किसी भी कम में राजनीति होनी चाहिए। अगर कोई विपक्षी पार्टी की सरकार भी राष्ट्रहित में कोई काम करती है तो हम हमेशा उसका साथ देंगे।” इसके साथ ही अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी तक की सरकारों ने देश के गरीब लोगों को 75 साल राशन की लाइन में खड़ा रखा। इन्हें और अगले 75 साल राशन की लाइनों में खड़ा मत कीजिए सर। ये लोग मुझे और आपको कभी माफ नहीं करेंगे। केन्द्र सरकार इस योजना के तहत जो बदलाव करवाना चाहती है उसके लिए हम तैयार है।

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