ममता का अ’ न्याय: एक और बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या…ममता के शपथ लेने के बाद से अब तक 32 कार्यकर्ताओं की हत्या

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शपथ लिए करीबन एक महीने होने जा रहे हैं। लेकिन इस एक महीने के अंदर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जो खूनी खेल खेला है, सत्ता की आड़ में जिस तरह से राज्य में आंतक पैदा किया। उसने वहां रह रहे हिंदुओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वह हिंदुस्तान की धरती पर है या फिर पाकिस्तान में मौजूद है।

ममता के इस रवैये ने उन्हें अपने ही देश में हाशिए पर लाकर खड़ा कर दिया है। चुनावो से लेकर अब तक बंगाल में सियासत का खूनी खेला ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में आए दिन हिंदू समुदाय के लोग और बीजेपी से जुड़े लोगों को मौत के घाट उतारा जा रहा है।

खुलेआम उनकी हत्या की जा रही है। बहु-बेटियों की इज्जत दाव पर है, उनके साथ बलात्कार किया जा रहा है और वो भी केंद्र सरकार की नाक के नीचे।

ऐसा ही एक मामला भाटपाड़ा के वार्ड नंबर 1 से सामने आया है जहां बीजेपी कार्यकर्ता जेपी यादव के सिर पर बम फोड़कर उनकी हत्या कर दी गई। जी हां, भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को यह दावा किया है कि उत्तर 24 परगना के बैरकपुर इलाके में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पर बम से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई है।मारे गए कार्यकर्ता का नाम जयप्रकाश यादव बताया गया है।

बीजेपी ने इस हत्या के पीछे टीएमसी का हाथ बताया है। 
बीजेपी ने एक बयान जारी कर दावा किया कि उक्त कार्यकर्ता के खिलाफ कई झूठे मामले भी दर्ज किए गए थे। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि बंगाल में बीजेपी को सपोर्ट करने की सजा उनके कार्यकर्ताओं और समर्थकों को मौत के घाट उतार कर दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। रविवार को प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी दावा किया कि ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से अब तक बीजेपी के 32 कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है।
पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या के बाद लोक आक्रोशित हो गए हैं और पुलिस-प्रशासन व तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सरकार के प्रति अपना आक्रोश प्रकट कर रहे हैं। हिंसा से प्रभावित लोगों ने जगलदबाजार में घोषपारा रोड को जाम कर के अपना आक्रोश प्रकट किया।
बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने बताया कि भाटपाड़ा से कुछ ही दूर जगदल क्षेत्र में शुक्रवार (जून 4, 2021) को एक के बाद एक 100 बम बरसाए गए, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।

भाजपा कार्यकर्ता की लाश पहचान में नहीं आ रही थी, क्योंकि सिर और उसके आसपास का शरीर का हिस्सा क्षत-विक्षत हो चुका था। अर्जुन सिंह ने आगे कहा की ये लोग गरीब थे, जो स्थानीय जूट मिल में काम कर के अपनी आजीविका चलाते हैं। इन लोगों का दोष सिर्फ इतना ही है कि इन्होंने भाजपा का समर्थन किया। 
अर्जुन सिंह के मुताबिक, हत्याएं होने के साथ ही लोगों के घर लूटे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC के गुंडों को ये सब करने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है। साथ ही उन्होंने चेताया कि यदि हिंसा, अत्याचार चलता रहा तो एक दिन जनता का सब्र टूटेगा और फिर पुलिस भी इन गुंडों को नहीं बचा सकेगी। उन्होंने जेपी यादव के परिजनों से मुलाकात भी की।
अर्जुन सिंह का कहना है कि उनके घर के सामने भी तृणमूल के गुंडों ने तोड़फोड़ मचाई है, जो CCTV फुटेज में भी कैद है। उन्होंने बताया कि इलाके में बमबारी के कारण लोग परेशान हैं।

बंगाल पुलिस ने इसे ‘दो समूहों में झगड़ा’ बताते हुए कहा कि एक शादी समारोह में सांप्रदायिक अशांति फ़ैलाने के उद्देश्य से बम फेंका गया। सोशल मीडिया में भी लोगों ने इस घटना को लेकर आक्रोश जताया और बंगाल में राष्ट्रपति शासन की माँग की।

बंगाल में जिहादी तत्वों और TMC के गुंडों की तरफ से जो मार काट शुरू की है, वह थमने का नाम नहीं ले रही है। ऐसा कोई दिन नहीं जा रहा है, जब बंगाल के किसी न किसी हिस्से में हिंदुओं को निशाना न बनाया जा रहा लेकिन आश्चर्य यह है कि इस मामले पर कोई सेकुलर नेता कुछ नहीं बोल रहा है। ऐसे नेताओं से पूछा जाना चाहिए कि अगर किसी बीजेपी शासित राज्य में विपक्षी दल के कार्यकर्ता और नेताओं के साथ ऐसा अपराध हो रहा होता तो क्या वे चुप रहते? 

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