ममता Vs राज्यपाल: राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान टीएमसी ने मचाया हंगामा, राज्यपाल को छोड़ना पड़ा अभिभाषण

पश्चिम बंगाल के चुनावों से शुरू हुई ममता और राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बीच की तनातनी अब तक जारी है। जो शुक्रवार सुबह विधानसभा के बजट सत्र के दौरान साफ नजर आ गई। बता दें की राज्य विधानसभा के बजट सत्र का पहला दिन था। जो टीएमसी के विधायको के हंगामे की भेंट चढ़ गया।

दरअसल, राज्यपाल जगदीप धनखड़ जैसे ही अभिभाषण पढ़ने के लिए उठे कि भाजपा और टीएमसी विधायकों के बीच जोरदार हंगामा होने लगा, हंगामा इतना बढ़ा कि 5 मिनट में ही विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। जिसके बाद राज्यपाल बिना अभिभाषण पढ़े ही सदन से बाहर निकल गए। 

नियमों के मुताबिक, विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होती है। जिसे खुद राज्य सरकार तैयार करती है और राज्यपाल सदन में इसे पढ़ते हैं। इसमें सरकार के काम-काज का ब्यौरा होता है। साथ ही सरकार की अहम योजनाओं की जानकारी भी दी जाती है।

ममता और राज्यपाल के बीच तनातनी की शुरुआत

दरअसल, पिछले दिनों राज्य में चुनाव के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच काफी हिंसा झड़प हुई थी जिसमे दोनों दलों के कार्यकर्ताओं की मौत हुई थीं। तो वहीं बीजेपी का दावा था की ममता बनर्जी अपनी दुश्मनी निकालने के लिए भाजपाइयों पर बंगाल में अत्याचार कर रही है। जिस पर ममता ने पलटवार करते हुए भाजपा पर दंगा भड़काने का आरोप लगाया था। जिसके बाद पिछले दिनों राज्यपाल के दार्जिलिंग दौर ने दोनो की बीच जारी खींचतान को और भी लंबा कर दिया।

ममता ने राज्यपाल के दौरे पर सवाल उठाते हुए पद की गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी थी। इतना ही नही सीएम ममता बनर्जी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भ्रष्टाचारी तक करार दे दिया था। जिसपर राज्यपाल ने खुद पर लगाए गए सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। राज्यपाल धनखड़ ने कहा था कि उन पर राजनीति की भावना से प्रेरित होकर सारे आरोप लगाए जा रहे हैं।

गौरतलब हो की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 28 जून को राज्य के गवर्नर जगदीप धनखड़ पर बड़ा आरोप लगाते हुआ कहा था कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ एक भ्रष्ट व्यक्ति हैं। उनका नाम 1996 के हवाला जैन मामले की चार्जशीट में था। मैंने उन्हें हटाने के लिए तीन बार लेटर भी लिखे। जिसके बाद राज्यपाल धनखड़ ने जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक तौर पर कुछ गंभीर आरोप लगाए। ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे उम्मीद नहीं थी की वे सनसनी फैलाने के लिए गलत जानकारी देंगी। किसी चार्जशीट में मेरा नाम नहीं है। ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है। यह गलत सूचना है। मैंने हवाला चार्जशीट में किसी कोर्ट से स्टे नहीं लिया है, क्योंकि ऐसी कोई चार्जशीट थी ही नहीं।

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